सऊदी गठबंधन ने बड़े हमले को किया नाकाम, विस्फोटकों से लदी दो नाव तबाह कीं, 108 हूतियों को मार गिराया

Saudi Arabia and Yemen Border Conflict: यमन में जारी लड़ाई लगातार बढ़ती जा रही है. हूती विद्रोहियों से जंग लड़ रहे सऊदी अरब के गठबंधन ने बुधवार को विस्फोटकों से लदी दो नौकाओं को तबाह करने का दावा किया है. सऊदी अरब के सरकारी टीवी चैनल का कहना है कि ईरान (Iran Houthis) के समर्थन वाला ये चरमपंथी संगठन लाल सागर के दक्षिण में एक बड़ा हमला करने की फिराक में था. जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया है. हालांकि स्थानीय मीडिया ने ये नहीं बताया कि कौन से स्थान पर हमला किया जाना था.

सऊदी गठबंधन ने एक और बड़ा दावा भी किया है. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, गठबंधन का कहना है कि उसने मारिब शहर के दक्षिण में हवाई हमले कर कम से कम 108 विद्रोहियों को मार गिराया है. इससे पहले गठबंधन ने मंगलवार को कहा था कि उसने हवाई हमले कर 134 विद्रोहियों को मारा है (Saudi Arabia Yemen Conflict). गठबंधन ने एक बयान जारी कर कहा, ‘हमने अब्दिया में हूति विद्रोहियों के नौ सैन्य वाहनों पर हमला किया था, जिसमें उसके 134 सदस्यों की मौत हो गई है.’ मारिब के अब्दिया जिले में दर्जनों एयर स्ट्राइक की गई हैं. मारिब शहर उत्तरी यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का अंतिम गढ़ है.

दोनों तरफ सैकड़ों लड़ाकों की मौत

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मारिब में बीते महीने ये लड़ाई शुरू हुई थी. तब से अब तक गठबंधन सेना और हूती विद्रोहियों के सैकड़ों लोग मारे गए हैं. यमन में बीते सात साल से जंग हो रही है. इस लड़ाई में सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गंठबंधन सेना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में हूती विद्रोहियों से लड़ रही है (Yemen Civil War Reason). साल 2014 में हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था. उसने यहां से सरकार को बेदखल भी कर दिया. तभी से शुरू हुए इस संघर्ष में हजारों लोगों की मौत हो गई है और लाखों को मजबूरन विस्थापित होना पड़ा है.

सऊदी अरब और हूती की दुश्मनी

सऊदी अरब ने साल 2015 के मार्च महीने में यमन सरकार का साथ देने के लिए लड़ाई में हस्तक्षेप किया था. संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि यमन युद्ध के कारण दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट खड़ा हुआ है. लेकिन यहां जंग थमने के बजाय लगातार बढ़ रही है (Saudi Arabia Yemen Conflict Explained). जो बाइडेन ने भी अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही इस युद्ध में सऊदी अरब को अमेरिका की तरफ से मिल रही मदद को रोक दिया है. लेकिन सऊदी अरब अब भी जंग में बना हुआ है. इसके कारण उसके खुद की सीमाओं के भीतर कई बार हूती संगठन की ओर से हमले किए गए हैं.

Check Also

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने के बाद भी तालिबान ‘बेचैन’

Afghanistan News: अगस्त महीने में अफगानिस्तान पर तालिबान ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया था. …