Sarvadaman D Banerjee : ग्लैमर की दुनिया को लात मारकर अब पहाड़ों में जी रहे हैं TV के श्री कृष्णा, 60 की उम्र में इतना बदल गया है लुक
News India Live, Digital Desk : 90 का दशक यह वो दौर था जब टीवी पर सिर्फ सीरियल नहीं, बल्कि आस्था की धारा बहती थी। 'रामायण' के बाद अगर किसी धारावाहिक ने पूरे देश को एक साथ टीवी स्क्रीन के सामने बैठा दिया था, तो वो था रामानंद सागर का 'श्री कृष्णा'। और जब भी इस शो का जिक्र होता है, तो एक ही चेहरा आंखों के सामने आता है - मन को मोह लेने वाली मुस्कान और दिव्य तेज वाले 'कृष्ण', यानी एक्टर सर्वदमन डी. बनर्जी (Sarvadaman D. Banerjee)।
उस दौर में सर्वदमन बनर्जी सिर्फ एक एक्टर नहीं थे, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए भगवान कृष्ण का साक्षात चेहरा बन गए थे। लोग उन्हें देखकर हाथ जोड़ लेते थे और उनकी तस्वीरें अपने पूजा घरों में रखते थे। उनकी मुस्कान, उनकी संवाद अदायगी और उनकी आंखों के तेज ने कृष्ण के चरित्र को पर्दे पर ऐसे जीवंत किया, जैसा पहले कभी नहीं हुआ था।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो इंसान सफलता और लोकप्रियता के इतने ऊंचे शिखर पर था, वह अचानक ग्लैमर की इस चकाचौंध भरी दुनिया से कहां गायब हो गया?
एक्टिंग छोड़, अब जी रहे हैं आध्यात्मिक जीवन
आपको जानकर हैरानी होगी कि सर्वदमन डी. बनर्जी ने सालों पहले ही फिल्म और टीवी की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। आज 60 साल की उम्र में वह एक बिल्कुल अलग और शांत जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने अपनी कर्मभूमि मुंबई को छोड़कर देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश को अपना घर बना लिया है।
गंगा किनारे, पहाड़ों के बीच अब वह एक आध्यात्मिक जीवन जीते हैं और लोगों को ध्यान (Meditation) सिखाते हैं। वह ऋषिकेश में 'पंख' (Pankh) नाम से एक एनजीओ भी चलाते हैं, जो गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा और उत्तराखंड की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम करता है।
इतना बदल गया है लुक
समय के साथ सर्वदमन जी का लुक भी काफी बदल गया है। सिर पर अब सफेद बाल आ गए हैं और चेहरे पर उम्र का ठहराव साफ दिखता है, लेकिन उनकी आंखों में आज भी वही शांति और तेज कायम है। वह सोशल मीडिया और लाइमलाइट से पूरी तरह दूर रहते हैं और अपने काम में ही मग्न रहते हैं।
सिर्फ कृष्ण ही नहीं, बने 'विवेकानंद' भी
बहुत कम लोग जानते हैं कि सर्वदमन बनर्जी ने सिर्फ श्री कृष्ण का ही नहीं, बल्कि 1998 में आई फिल्म 'स्वामी विवेकानंद' में स्वामी विवेकानंद का किरदार भी निभाया था। इस रोल के लिए भी उनकी खूब सराहना हुई थी।
सर्वदमन बनर्जी की कहानी उन चुनिंदा कलाकारों में से है, जिन्होंने प्रसिद्धि के चरम पर पहुंचकर भी भौतिक सुखों की बजाय मन की शांति और आध्यात्म का रास्ता चुना। वह आज भले ही पर्दे पर नहीं दिखते, लेकिन लाखों दिलों में आज भी वह टीवी के सबसे यादगार 'भगवान कृष्ण' के रूप में बसे हुए हैं।