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लखनऊ :यूपी की सरकार ने आरटीआई एक्ट लागू होने से लेकर आज तक आमजन में आरटीआई एक्ट को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए कोई ख़ास प्रयास नहीं किया है lआरटीआई एक्ट लागू होने के बाद से अब तक के 11 सालों में भ्रष्टाचार की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता को लेकर सरकारी तंत्र के विरोध और भ्रष्टाचारी ताकतों की एकजुटता के चलते आरटीआई एक्ट भी धीरे-धीरे अनेकों कानूनी व्याख्याओं में उलझकर अपना पैनापन खोता जा रहा है l

 

आरटीआई एक्ट की पैनी धार को बनाए रखने के लिए यूपी में भ्रष्टाचार की बीमारी का इलाज करने के लिए एक अनोखी शुरुआत राजधानी लखनऊ से होने जा रही है l नागरिकों को सूचना का अधिकार प्रयोग करने वाले आने वाली व्यवहारिक
दिक्कतों के समाधान के लिए आने वाली 14 तारीख को राजधानी लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन ‘येश्वर्याज’ हजरतगंज जीपीओ स्थित महात्मा गांधी पार्क में आरटीआई क्लिनिक का उद्घाटन सार्वजनिक रूप से करने जा रहा है l इस आरटीआई क्लिनिक का सञ्चालन आरटीआई कंसलटेंट, आरटीआई विशेषज्ञ और आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक रूप से किया जायेगा l

 
येश्वर्याज की संस्थापिका और समाजसेविका उर्वशी शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा इस आरटीआई क्लिनिक के उद्घाटन के अवसर पर आने वाले सभी व्यक्तिओं को अंतर्राष्ट्रीय संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव
द्वारा येश्वर्याज को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई आरटीआई गाइड का निःशुल्क वितरण किया जायेगा l उर्वशी ने बताया कि यूपी के आरटीआई रूल्स के तहत हुए बदलावों के बाद आम आदमी को आरटीआई प्रयोग में आने बाली दिक्कतों के
मद्देनज़र उनके संगठन ने एक कंपाइलेशन भी तैयार किया है जिसका निःशुल्क वितरण भी इस उद्घाटन कार्यक्रम में किया जाएगा l

 

उर्वशी ने बताया कि आरटीआई क्लिनिक के उद्घाटन सत्र में  आरटीआई के पुरोधा डा. नीरज कुमार और
आरटीआई कंसलटेंट इं० संजय शर्मा उपस्थित रहकर क्लिनिक में आने वाले व्यक्तियों को आरटीआई एक्ट के प्रयोग में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों का समाधान सुझायेंगे l

 

आरटीआई क्लिनिक खोलने की आवश्यकता पर बात करते हुए उर्वशी ने बताया कि यूपी में सरकार-सरकारी कर्मचारी-सूचना आयुक्तों के नापाक गठजोड़ ने आरटीआई एक्ट को भी कानूनी दांव-पेंचों में उलझा-उलझा कर भ्रष्टाचार के
भयंकर रोग से ग्रसित कर कमजोर कर दिया है जिसके चलते आम आदमी को आरटीआई एक्ट से सूचना पाने में बहुत परेशानी हो रही है l

 

बकौल उर्वशी इसीलिये उनके संगठन ने लखनऊ में ‘आरटीआई क्लिनिक’ शुरू करने की पहल की है ताकि भ्रष्टाचार की बीमारी से ग्रसित हुए आरटीआई एक्ट को कानूनी  सलाह रूपी दवा देकर स्वस्थ किया जा सके और आमजन सूचना कानून के प्रयोग से  लोकजीवन में पारदर्शिता और जबाबदेही लाकर लोकतंत्र को मजबूती दे सके l
उर्वशी ने बताया कि उद्घाटन के बाद भी आरटीआई क्लिनिक का आयोजन प्रत्येक रविवार को 11 बजे से 1 बजे तक लखनऊ के अलग अलग स्थान पर किया जाएगा जहाँ आने वालों को निःशुल्क विधिक सहायता दी जायेगी l उर्वशी ने बताया कि आने वाले कार्यक्रमों के स्थान की जानकारी संस्था की आरटीआई हेल्पलाइन 8081898081 पर फ़ोन करके प्राप्त की जा सकती है l

बकौल उर्वशी उनके संगठन की कार्ययोजना है कि आने वाले 2 वर्षों में आरटीआई के क्षेत्र में कार्य कर रहे अन्य सामाजिक संगठनों और आरटीआई एक्टिविस्टों के सहयोग से यूपी के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 1 आरटीआई
क्लिनिक खोला जाए l

यूपी के वर्तमान सूचना आयुक्तों की कार्यप्रणाली के वारे में पूंछे जाने पर उर्वशी ने सभी 9 आयुक्तों के प्रति खुला असंतोष व्यक्त किया और बताया कि  उन्हें विश्वास है कि वे उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के वर्तमान 9 सूचना आयुक्तों में से सर्वाधिक निरंकुश और अधिनियम विरोधी मानसिकता से कार्य करने वाले 2-3 सूचना आयुक्तों को जल्द ही बर्खास्त कराने में कामयाब हो जायेंगी l उर्वशी ने सूचना आयुक्तों को एक्ट के प्रति निष्ठावान होकर कार्य करने की सलाह भी दी l