RRB Recruitment Update : रेलवे में 19,000 से ज्यादा आरक्षित सीटें खाली योग्य उम्मीदवार न मिलने पर संसद में उठा सवाल

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News India Live, Digital Desk: भारतीय रेलवे में नौकरियों को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, रेलवे के विभिन्न जोन में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित 19,000 से अधिक पद खाली पड़े हैं। इन पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया तो चलाई गई, लेकिन रेलवे को इन श्रेणियों में 'योग्य उम्मीदवार' (Eligible Candidates) ही नहीं मिल सके।

संसद में पेश किए गए चौंकाने वाले आंकड़े

रेल मंत्रालय ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में पिछले तीन वर्षों के बैकलॉग और भर्ती का ब्यौरा पेश किया। आंकड़ों के अनुसार:

कुल खाली पद: SC, ST और OBC श्रेणी के लिए आरक्षित कुल 19,251 पद ऐसे हैं जिन्हें 'नो सूटेबल कैंडिडेट' (No Suitable Candidate) की श्रेणी में रखा गया है।

श्रेणीवार विवरण:

SC (अनुसूचित जाति): लगभग 6,000+ पद।

ST (अनुसूचित जनजाति): लगभग 5,500+ पद।

OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग): लगभग 7,000+ पद।

पद के प्रकार: इनमें से अधिकांश पद ग्रुप सी (Group C) और लेवल-1 (पूर्ववर्ती ग्रुप डी) के तकनीकी और गैर-तकनीकी संवर्ग के हैं।

क्यों खाली रह गए ये पद?

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के अनुसार, इन आरक्षित सीटों के खाली रहने के पीछे कई तकनीकी कारण हैं:

न्यूनतम अर्हक अंक (Minimum Qualifying Marks): कई परीक्षाओं में आरक्षित श्रेणी के छात्र निर्धारित न्यूनतम कट-ऑफ अंक प्राप्त नहीं कर सके।

तकनीकी योग्यता की कमी: कुछ पद विशेष तकनीकी कौशल (जैसे ALP, टेक्नीशियन) के लिए थे, जहाँ पर्याप्त आवेदन तो मिले लेकिन स्किल टेस्ट या मेडिकल परीक्षण में उम्मीदवार बाहर हो गए।

शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): लेवल-1 की भर्ती में बड़ी संख्या में आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवार शारीरिक परीक्षा (दौड़ और वजन उठाने) में असफल रहे।

सरकार का अगला कदम: क्या होगा इन सीटों का?

विपक्ष द्वारा इन खाली पदों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए जाने के बाद, रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है:

विशेष भर्ती अभियान (Special Recruitment Drive): इन रिक्तियों (Backlog Vacancies) को भरने के लिए रेलवे जल्द ही एक विशेष भर्ती अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है।

नियमों में छूट की संभावना: क्या इन पदों के लिए कट-ऑफ में कोई रियायत दी जा सकती है? इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मंत्रालय इन सीटों को भरने के लिए कानूनी रास्तों पर विचार कर रहा है।

अभ्यर्थियों के लिए क्या है सबक?

यह खबर उन छात्रों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है जो केवल 'आरक्षण' के भरोसे रहते हैं। रेलवे के कड़े मानक और न्यूनतम योग्यता अंक पार करना सभी के लिए अनिवार्य है।

तैयारी का स्तर सुधारें: अगर आप आरक्षित श्रेणी से हैं, तो भी प्रतियोगिता कड़ी है। आपको न केवल कट-ऑफ पार करना है, बल्कि मेरिट में भी आना है।

स्किल और फिजिकल पर ध्यान: पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी कौशल और शारीरिक फिटनेस (PET) पर भी ध्यान देना जरूरी है।