आयुर्वेद विवि के पांच छात्र-छात्राओं की शोध परियोजनाओं को मिली मंजूरी

जोधपुर, 05 फरवरी (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति के निर्देशानुसार केन्द्रीय आयुर्वेद एवं सिद्धा अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा लांच स्टूडेन्ट प्रोग्राम फार आयुर्वेदा रिसर्च केन (स्पार्क) में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद जोधपुर में अध्ययनरत 12 छात्र-छात्राओं द्वारा स्पार्क पोर्टल पर आनलाइन प्रोजेक्ट सबमिट किए गए थे जिसमें बीएएमएस प्रथम एवं तृतीय वर्ष के कुल 5 छात्र-छात्राओं के शोध परियोजनाओं का परीक्षण उपरांत चयन हुआ है।

कुलपति प्रो. प्रजापति ने सभी पांचों छात्र-छात्राओं को बधाइयां देते हुये कहा कि सभी शोध परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जानी चाहिये। कुलसचिव सीमा कविया ने सभी चयनित छात्र-छात्राओं बधाइयां देते हुये कहा कि सभी छात्र- छात्राओं को शोधकार्य हेतु प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रकार की सहायता दी जाएगी।

पोस्ट ग्रेजुएट आयुर्वेद संस्थान के प्राचार्य व निदेशक प्रो. महेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि कौमारभृत्य विभाग के विभागाध्यक्ष एवं स्पार्क कार्यक्रम प्रभारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरीश कुमार सिंघल के निर्देशन में बीएएमएस तृतीय वर्ष की दो छात्रा मिस सिमरन, मिस दर्शना जैन, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रितु कपूर के निर्देशन में तृतीय वर्ष की चयनित छात्रा मिस सलोनी जैन, डॉ. रश्मि शर्मा के निर्देशन में तृतीय वर्ष की छात्रा मिस दिव्या परियानी और डॉ नवनीत दाधिच के निर्देशन में प्रथम वर्ष के छात्र मिस्टर प्राकेत सांखला के शोध परियोजनाओं का चयन हुआ है। पसभी चयनित शोधकर्ता छात्र-छात्राओं को पचास हजार रुपये प्रति छात्र-छात्रा शोधवृत्ति शोध को सफलतम रुप में समाप्त करने पर सम्पूर्ण शोध कार्य का व्यौरा सेन्टल काउंसिल आफ रिसर्च इन आयुर्वेद एण्ड सिद्धा, नई दिल्ली को जमा कराने पर प्राप्त होगी।