परिजनों ने वरीय अफसरों पर लगाया हत्या का आरोप, निलंबित थानेदार की मौत पर विवाद गहराया

रांची : पलामू जिले के नावा बाजार थाना के निलंबित थानेदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर भड़के जनाक्रोश के बीच उनके परिजनों ने पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा, जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन और विश्रामपुर के एसडीपीओ सुरजीत कुमार पर गंभीर आरोप लगाये हैं। इधर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस घटना को लेकर बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा से टेलीफोन पर बात की और उनसे इस मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा।

बता दें नावा बाजार के निलंबित थाना प्रभारी लालजी यादव का शव मंगलवार की सुबह थाना परिसर स्थित उनके क्वार्टर में फंदे से लटकता पाया गया था। लालजी यादव को पिछले 5 जनवरी को पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने निलंबित कर दिया था। उनपर वरीय अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप था। पुलिस इसे प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन लालजी यादव के परिजनों ने उनकी हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लालजी यादव पर गलत कार्य करने का दबाव डाला गया, लेकिन जब उन्होंने इनकार कर दिया तो उन्हें प्रताड़ित किया गया और साजिश रचकर उनकी हत्या कर दी गयी।

इस सिलसिले में लालजी यादव के छोटे भाई संजीव कुमार यादव ने पलामू के पुलिस उपमहानिरीक्षक के नाम आवेदन दिया है। इसमें पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा, जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन, बिश्रामपुर के एसडीपीओ सुरजीत कुमार सहित अन्य को उनकी मौत का जिम्मेदार बताया गया है।

निलंबित थानेदार की मौत से गुस्साये सैकड़ों स्थानीय लोगों ने एनएच 98 डाल्टनगंज -औरंगाबाद मुख्य पथ को मंगलवार से लेकर बुधवार तक लगभग 16 घंटे तक जाम रखा। रात एक बजे के बाद यातायात सामान्य हो पाया। मृत पुलिस अधिकारी का शव बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंपा गया।

इस बीच, केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि लालजी यादव एक संभावनाशील और लोकप्रिय पुलिस अधिकारी थे, लेकिन अपनी तेजतर्रार और ईमानदार कार्यशैली के कारण कुछ भ्रष्ट वरीय पुलिस पदाधिकारियों और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त गिरोह को खटक रहे थे। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि जिस तरह लालजी यादव के परिजनों के पहुंचने से पहले उनके शव का आनन-फानन में पोस्टमार्टम किया गया, उससे भी साजिश की आशंका को बल मिलता है।

उन्होंने कहा कि परिजनों और आम जनता की मांग के अनुरूप मेडिकल बोर्ड का गठन कर शव का दुबारा पोस्टमार्टम हो, पलामू के एसपी को अविलंब हटाया जाए, सीबीआई या किसी अन्य तटस्थ केंद्रीय एजेंसी से मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में चुप नहीं बैठेगी और अगर मामले को दबाने, जांच को भटकाने और दोषियों को बचाने की कोशिश हुई तो राज्य सरकार को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा।

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