खाने में कम करें ये चीजें, बच्चा होगा तंदुरुस्त

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्टर्न फिनलैंड के अन्ना वितिसालो का कहना है कि अध्ययन में जिन परिवार के बच्चों ने जीवनशैली परामर्श गतिविधि में भाग लिया था, वह इस दौरान ज्यादा सक्रिय रहे।
# उन्होंने भरपूर मात्रा में सब्जियों और पोषक तत्वों का सेवन किया। हालांकि इस दौरान बच्चों का माहौल काफी स्वतंत्रता से भरा रहा पर बच्चों की जिद पर थोड़ा अंकुश लगाया गया। इसका परिणाम यह निकला कि बच्चों ने सही आचरण पर जोर दिया और उनके खाने पीने के तौर-तरीकों में बदलाव आया।
# कुछ समय बाद बच्चे जंक फूड की डिमांड कम करने लगे और घर के खानों में ही अपनी पसंद की चीज की मांग करने लगे। बच्चों की सोच में यह बदलाव इस बात के संकेतक हैं कि बच्चों की बेवजह की पसंद में थोड़ी सी रोका-टोकी लाभकारी होती है। उनका कहना है कि अभिभावकों की व्यक्तिगत भागीदारी बच्चे की जीवशैली का हिस्सा होनी चाहिए।

Check Also

Indian-Bride-Wedding-Training

शादी का प्रशिक्षण: आप क्या कह सकते हैं! शादी से पहले दुल्हन को जो ट्रेनिंग दी जाती है, उसके पसीने छूट जाएंगे

भारतीय दुल्हन शादी प्रशिक्षण हिंदू धर्म में शादी एक रस्म है। हल्दी से विदाई तक कई …