सीएचसी हाथी बाजार में जल्द बनेगा मरीजों की सुविधा के लिए रैम्प

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वाराणसी, 22 सितम्बर (हि.स.)। जिले में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान एक अक्टूबर से शुरू होगा । जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में पूरे माह चलने वाले इस अभियान के तैयारियों की समीक्षा की ।

बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री की गोद ली गयी सीएचसी हाथी में जल्द से जल्द रैम्प बनवाने, जन्म.मृत्यु से सम्बन्धित प्रत्येक मामले को 21 दिन के अंदर सीआरएस पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने नवीन चिन्हित चार एफआरयू अस्पतालों में मानव संसाधनों एवं अन्य आवश्यक्ताओं को पूर्ण करते हुए उन्हें पूरी क्षमता के साथ चलाने को कहा।

बैठक में शहरी क्षेत्र के लिए चयनित 108 आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गयी। बैठक में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के लिए की गयी तैयारियों की जानकारी भी जिलाधिकारी ने ली। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालय व भवनों में यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि वहां कहीं भी गंदा पानी एकत्र न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में गंदे पानी का जमाव पाया गया तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

-डेंगू, मलेरिया आदि से सम्बन्धित शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन का संदेश देने पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान के जरिए संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया आदि से सम्बन्धित शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन का संदेश प्रत्येक घर परिवार तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। लिहाजा आमजन को यह बताने का प्रयास करें कि संचारी रोगों के होने पर क्या करें और क्या न करें। इससे बचाव के लिए किस तरह की सावधानियां बरतें और किसी तरह से तत्काल उपचार करायें। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री की गोद ली गयी सीएचसी हाथी बाजार पर रैम्प बनवाने के लिए जिला दिव्यांगजन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह मौके पर जाकर निरीक्षण करें और जल्द से जल्द रैम्प की व्यवस्था सुनिश्चित करायें।

-दो चरणों में चलेगा अभियान

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि एक अक्टूबर से शुरू हो रहा अभियान दो चरणों में चलेगा। पहले चरण में मलेरिया विभाग के कार्यकर्ता क्षेत्रवार योजना बनाते हुए पूर्व के वर्षो में मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों के आधार पर चिन्हित किए गये हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आंकलन करेंगे। इसके साथ ही अधिक मच्छर घनत्व वाले क्षेत्रों में सम्बन्धित विभागों के सहयोग से इस पर प्रभावी अंकुश के लिए प्रयास करेंगे। दूसरा चरण दस्तक से शुरू होगा जिसमें आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर लोगों को संचारी रोगों के खतरे तथा उसके बचाव की जानकारी देंगे।

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