आपके साथ वे लोग हैं जो लोकसभा में आग लगाना चाहते हैं', CJP के आशुतोष पर भड़के विधायक कैलाश वर्मा ने दी खुली चेतावनी

आपके साथ वे लोग हैं जो लोकसभा में आग लगाना चाहते हैं', CJP के आशुतोष पर भड़के विधायक कैलाश वर्मा ने दी खुली चेतावनी

राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद सनसनीखेज और गर्माता हुआ राजनीतिक मामला सामने आया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। हाल ही में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और बुनियादी ढांचे का जायजा लेने पहुँची 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी CJP की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच जोरदार भिड़ंत और झड़प देखने को मिली थी। इस दौरान CJP के सह-संयोजक और प्रमुख चेहरे आशुतोष रांका पर हुए हमले के बाद से राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बगरू से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कैलाश चंद वर्मा का एक तीखा और आक्रामक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने CJP के आशुतोष रांका को सीधे तौर पर आड़े हाथों लेते हुए एक कड़ी और अंतिम चेतावनी दी है। विधायक के इस बयान के बाद से राज्य में राजनीतिक पारा और अधिक हाई हो गया है।

बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा का तीखा हमला और गंभीर आरोप

वायरल हो रहे इस वीडियो में बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा ने आशुतोष रांका और उनके संगठन पर जमकर भड़ास निकाली है। विधायक ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आपके साथ वे लोग जुड़े हुए हैं जो देश की संसद यानी लोकसभा में घुसकर आग लगाने की खतरनाक सोच रखते हैं और अराजकता फैलाना चाहते हैं। विधायक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि मिस्टर रांका, अपनी भाषा और मानसिकता को तुरंत सुधार लें, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को उकसाना और क्षेत्रीय जनता को अपशब्द कहना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के संगठनों का मकसद केवल शांति भंग करना और राजनीतिक रोटियां सेकना है, जिसे प्रदेश की जनता और स्थानीय ग्रामीण भली-भांति समझ चुके हैं।

स्कूल ऑडिट विवाद के बाद भड़का टकराव और पुलिस-प्रशासन की भूमिका

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब CJP के कार्यकर्ताओं ने जयपुर के ग्रामीण इलाकों में स्थित सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने और उसकी असलियत दिखाने के नाम पर औचक निरीक्षण करने की कोशिश की थी। स्थानीय निवासियों का विरोध उस वक्त खुलकर सामने आया जब उनका आरोप था कि बाहरी लोग गांवों में आकर अनावश्यक तनाव पैदा कर रहे हैं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी घटनाएं घटीं। इस घटना के बाद आशुतोष रांका ने सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी और स्थानीय भाजपा नेताओं पर हमले के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके पलटवार में अब विधायक कैलाश वर्मा ने यह तीखा बयान देकर सियासी माहौल को और गर्मा दिया है।

आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है सियासी घमासान

राजधानी जयपुर से उठी इस राजनीतिक चिंगारी ने अब पूरे राजस्थान में तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहाँ CJP लगातार शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की बदहाली को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री इसे राजनीतिक एजेंडा और विपक्ष समर्थित प्रायोजित विरोध करार दे रहे हैं। जिस तरह से जुबानी जंग और तीखी चेतावनियों का दौर शुरू हुआ है, उससे यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ेगा तथा सड़क से लेकर राजनीतिक मंचों तक इसका असर देखने को मिलेगा।