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जयपुर के खो नागोरियान में घर के अंदर चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में भीषण ब्लास्ट, धमाके से दहल उठा पूरा इलाका

राजस्थान की राजधानी जयपुर के रिहायशी इलाके से एक बेहद खौफनाक, रोंगटे खड़े कर देने वाली और बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। जयपुर के खो नागोरियान थाना इलाके में स्थित एक घनी आबादी वाले मकान के भीतर चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में अचानक एक के बाद एक कई जोरदार और भीषण ब्लास्ट (Explosion) हो गए। कूटनीतिक और सुरक्षा के नजरिए से रिहायशी इलाकों में इस तरह के बारूद के ढेर का होना हमेशा से एक बड़े खतरे की घंटी रहा है। इस भयानक धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि पूरा खो नागोरियान इलाका दहल उठा और आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशे तक चकनाचूर हो गए। इस दर्दनाक और अमानवीय हादसे में फैक्टरी के भीतर काम कर रहे और आसपास मौजूद 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि जिस घर में यह अवैध कारखाना चल रहा था, वह पूरी तरह से ताश के पत्तों की तरह ढहकर मलबे में तब्दील हो गया है।

तड़के सुबह जोरदार धमाकों से खुली लोगों की नींद, आसमान में उठा धुएं का गुबार

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब लोग अपने घरों में रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे या सो रहे थे। अचानक मकान के भीतर रखे बारूद और पटाखों के स्टॉक में किसी अज्ञात कारण या शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। आग लगते ही वहां रखे कच्चे माल और तैयार पटाखों ने भारी बारूद की तरह काम किया और एक के बाद एक सिलसिलेवार बम धमाके जैसे ब्लास्ट होने शुरू हो गए। धमाकों की आवाज सुनते ही पूरे इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। देखते ही देखते पूरा मकान जमींदोज हो गया और आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का एक विशाल और डरावना गुबार छा गया। स्थानीय लोगों ने बिना किसी देरी के अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे को हटाने और फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया।

रिहायशी इलाके के भीतर मौत का खेल, बिना किसी लाइसेंस के चल रहा था अवैध बारूद का धंधा

इस पूरे हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे खतरनाक उद्योगों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बेहद चौंकाने वाला और गंभीर खुलासा हुआ है कि इस घने आवासीय क्षेत्र के बीचोबीच स्थित एक दो मंजिला मकान के अंदर लंबे समय से बिना किसी वैध लाइसेंस, फायर एनओसी (NOC) या सुरक्षा इंतजामों के यह पटाखा बनाने का अवैध धंधा धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन को देखते हुए यहां भारी मात्रा में बारूद और ज्वलनशील कैमिकल का अवैध स्टॉक जमा करके रखा गया था, जो अंततः 4 बेगुनाह लोगों के लिए काल का ग्रास बन गया।

फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमों ने शुरू किया रेस्क्यू, मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका

हादसे की सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फायर ब्रिगेड की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां, एम्बुलेंस और सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीमों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत और भारी जोखिम के बीच पहले आग पर काबू पाया और फिर मलबे को हटाने का काम शुरू किया। मलबे के नीचे से अब तक 4 शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनकी शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। गंभीर रूप से झुलसे और घायल लोगों को तुरंत इलाज के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के बर्न वॉर्ड में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्रशासन को अंदेशा है कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ और लोग दबे हो सकते हैं, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख, फैक्टरी मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश

जयपुर के खो नागोरियान में हुए इस दिल दहला देने वाले हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री और गृह विभाग ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर से बात कर हादसे की पूरी रिपोर्ट तलब की है और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की घोषणा की है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में हिदायत दी है कि इस अवैध कारखाने को संरक्षण देने वाले या इसके असली मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस बड़ी घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने जयपुर के अन्य रिहायशी इलाकों में भी चल रहे अवैध गोदामों और फैक्टरियों के खिलाफ एक बड़ा सर्च ऑपरेशन और जांच अभियान शुरू करने का एलान किया है।

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