Railways' Masterstroke : सालों से अटके इस एक प्रोजेक्ट से पंजाब में आएगी कनेक्टिविटी की क्रांति
News India Live, Digital Desk : अगर आप ट्रेन से दिल्ली या अंबाला से चंडीगढ़ का सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। सालों से अटकी पड़ी राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन (Rajpura-Mohali Rail Line) परियोजना पर आखिरकार केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखकर इस बेहद जरूरी रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
यह रेल लाइन सिर्फ एक नया रास्ता नहीं है, बल्कि यह आपके सफर के कीमती 30 से 40 मिनट बचाने का एक 'शॉर्टकट' है। अगर पंजाब सरकार जमीन अधिग्रहण का काम समय पर पूरा कर लेती है, तो यह प्रोजेक्ट पंजाब की कनेक्टिविटी के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
आखिर क्यों खास है यह रेल लाइन?
अभी जो ट्रेनें दिल्ली या दक्षिण पंजाब (पटियाला, बठिंडा) से चंडीगढ़ आती हैं, उन्हें अंबाला कैंट स्टेशन पर रुकना पड़ता है। यहां ट्रेन का इंजन बदलकर उसे वापस घुमाया जाता है और फिर चंडीगढ़ के लिए रवाना किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में 30 से 40 मिनट का समय बर्बाद हो जाता है।
प्रस्तावित राजपुरा-मोहाली रेल लाइन इसी झंझट को खत्म कर देगी।
- अंबाला जाने की जरूरत नहीं: ट्रेनें अंबाला कैंट स्टेशन जाए बिना, सीधे इस नए रूट से चंडीगढ़ पहुंच जाएंगी।
- बचेगा समय और ईंधन: इससे न सिर्फ यात्रियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि रेलवे का ईंधन भी बचेगा और ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी।
अब गेंद पंजाब सरकार के पाले में
रेलवे मंत्रालय इस प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। केंद्र सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव को चिट्ठी भेजकर साफ कर दिया कि वे इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
इस रेल लाइन के बनने से न केवल दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर यात्रा करने वालों को फायदा होगा, बल्कि मालवा क्षेत्र (पटियाला, संगरूर, बठिंडा) से राजधानी चंडीगढ़ आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए भी यह एक बड़ी सौगात होगी।
अब सारी निगाहें पंजाब सरकार पर टिकी हैं। अगर सरकार इस मौके का फायदा उठाकर जमीन अधिग्रहण का काम जल्द पूरा करती है, तो पंजाब के लोगों को जल्द ही एक तेज और बेहतर रेल कनेक्टिविटी का तोहफा मिल सकता