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पंजाब में अभी नहीं मिलेगी झुलसाने वाली गर्मी से राहत! अगले दो दिन और झेलने होंगे जानलेवा लू के थपेड़े

पंजाब में इन दिनों सूर्य देव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है और पूरा सूबे भीषण गर्मी व रिकॉर्ड तोड़ तापमान की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब के मौसम को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पंजाब के लोगों को इस जानलेवा गर्मी से तुरंत कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदेशवासियों को अभी अगले दो दिन और आग बरसाती इस तपिश और झुलसाने वाली लू (Heatwave) के थपेड़ों को बर्दाश्त करना होगा। हालांकि, इस भीषण आफत के बीच राहत की एक किरण भी दिखाई दे रही है, क्योंकि मौसम वैज्ञानिकों ने 11 तारीख की शाम से राज्य के मौसम में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव होने की उम्मीद जताई है।

सूरज के तीखे तेवर और गर्म पछुआ हवाओं ने बढ़ाई पंजाब की मुश्किलें

पंजाब के लगभग सभी जिलों जैसे अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और बठिंडा में पारा लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। दोपहर के समय शुष्क और अत्यधिक गर्म पछुआ हवाएं चलने के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों के भीतर कैद रहने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मैदानी इलाकों में किसी मजबूत मौसमी प्रणाली या पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने के कारण वातावरण में नमी बेहद कम है, जिससे धूप का सीधा असर जमीन पर पड़ रहा है। यही वजह है कि तापमान सामान्य से कई डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है और रातें भी बेहद गर्म और बेचैन करने वाली साबित हो रही हैं।

11 की शाम से करवट लेगा मौसम, धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट

भीषण लू के इन थपेड़ों के बीच मौसम विभाग ने पंजाब के लोगों के लिए एक बड़ी राहत वाली तारीख का भी एलान कर दिया है। आईएमडी के मुताबिक, 11 तारीख की शाम से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पंजाब के वायुमंडल में प्रवेश करेंगी। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों को प्रभावित करना शुरू कर देगा। इस मौसमी बदलाव के कारण 11 की शाम या रात से पंजाब के कई हिस्सों में घने बादल छाने, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधियां (Dust Storm) चलने और गरज-चमक के साथ झमाझम प्री-मानसून बारिश होने की पूरी संभावना है, जो तापमान को तेजी से नीचे गिराएगी।

बिजली और पानी की मांग रिकॉर्ड स्तर पर, धान की बुआई में जुटे किसानों की बढ़ी टेंशन

लगातार बढ़ रही इस भीषण गर्मी का सीधा असर पंजाब के बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र पर भी देखने को मिल रहा है। घरों, दफ्तरों और बाजारों में एयर कंडीशनर व कूलर लगातार चलने की वजह से बिजली की खपत अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, यह समय पंजाब में धान की बुआई और सिंचाई का भी है, ऐसे में लगातार बढ़ रहे पारे और पानी की कमी के कारण किसानों की चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। किसान अब इस उम्मीद में आसमान की तरफ देख रहे हैं कि कब बारिश की बूंदें गिरें और उन्हें इस तपती धूप से निजात मिले।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की विशेष एडवायजरी, दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

गर्मी के इस खतरनाक और जानलेवा दौर को देखते हुए पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए एक विशेष हेल्थ एडवायजरी जारी की है। डॉक्टरों ने लोगों को विशेष रूप से सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बहुत जरूरी काम न होने पर सीधे धूप के संपर्क में आने से पूरी तरह बचें। बाहर निकलते समय अपने सिर और चेहरे को सूती कपड़े या छाते से जरूर ढकें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नींबू पानी, छाछ व ओआरएस (ORS) के घोल का लगातार सेवन करते रहें। मौसम विभाग का कहना है कि 11 की शाम से शुरू होने वाला यह आसमानी बदलाव जहां एक तरफ धूल भरी आंधी के रूप में थोड़ी आफत ला सकता है, वहीं दूसरी तरफ तपती गर्मी से जूझ रहे पंजाब को एक बड़ी और सुकून भरी ठंडक भी देगा।

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