Photos: आज अपने ऑर्बिट में पहुंचेगा जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप, जानें अंतरिक्ष के सफर में अब तक क्या-क्या हुआ?

लॉन्चिंग: अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope) को पिछले साल 25 दिसंबर फ्रेंच गुयाना (French Guiana) के गुयाना स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था. इसे शक्तिशाली एरियन-5 रॉकेट (Ariane-5 Rocket) के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया.
सनशील्ड का खुलना: स्पेस में पहुंचने के बाद जेम्स वेब टेलिस्कोप ने अपने पांच लेवल वाली सनशील्ड (Sunshiled Tensioning) को खोला. इस तरह टेलिस्कोप की सनशील्ड पूरी तरह से अंतरिक्ष में तैनात हो गईं.
सनशील्ड का खुलना: स्पेस में पहुंचने के बाद जेम्स वेब टेलिस्कोप ने अपने पांच लेवल वाली सनशील्ड (Sunshiled Tensioning) को खोला. इस तरह टेलिस्कोप की सनशील्ड पूरी तरह से अंतरिक्ष में तैनात हो गईं.

मिरर की तैनाती पूरी हुई: जेम्स वेब टेलिस्कोप में सेकेंडरी मिरर प्राइमरी मिरर के पीछे के रोशनी को परावर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सनशील्ड खुलने के कुछ दिनों बाद सेकेंडरी मिरर पूरी तरह से तैनात हुआ.
मिरर की तैनाती पूरी हुई: जेम्स वेब टेलिस्कोप में सेकेंडरी मिरर प्राइमरी मिरर के पीछे के रोशनी को परावर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सनशील्ड खुलने के कुछ दिनों बाद सेकेंडरी मिरर पूरी तरह से तैनात हुआ.
स्टारबोर्ड प्राइमरी मिरर विंग की तैनाती पूरी हुई: जेम्स वेब टेलिस्कोप के प्राइमरी मिरर का स्टारबोर्ड (V-2) विंग पूरी तरह से खुला और फिर अंतरिक्ष में तैनात हुआ. हर विंग में 18 मिरर सेगमेंट्स में से दो होते हैं. इनकी तैनाती मोटर से चलने वाले उपकरण के जरिए होती है.
स्टारबोर्ड प्राइमरी मिरर विंग की तैनाती पूरी हुई: जेम्स वेब टेलिस्कोप के प्राइमरी मिरर का स्टारबोर्ड (V-2) विंग पूरी तरह से खुला और फिर अंतरिक्ष में तैनात हुआ. हर विंग में 18 मिरर सेगमेंट्स में से दो होते हैं. इनकी तैनाती मोटर से चलने वाले उपकरण के जरिए होती है.
टेलिस्कोप पूरी तरह से तैनात हुआ: मिरर की तैनाती के बाद अगले कदम के तौर पर टेलिस्कोप पूरी तरह से अंतरिक्ष में तैनात हुआ. ये अगले दशक की प्रमुख ऑब्जर्वेटरी होगा. इसके जरिए हजारों एस्ट्रोनोमर्स अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं का पता लगा पाएंगे. टेलिस्कोप के जरिए ब्रह्मांण के इतिहास के हर चरण का अध्य्यन किया जाएगा.
टेलिस्कोप पूरी तरह से तैनात हुआ: मिरर की तैनाती के बाद अगले कदम के तौर पर टेलिस्कोप पूरी तरह से अंतरिक्ष में तैनात हुआ. ये अगले दशक की प्रमुख ऑब्जर्वेटरी होगा. इसके जरिए हजारों एस्ट्रोनोमर्स अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं का पता लगा पाएंगे. टेलिस्कोप के जरिए ब्रह्मांण के इतिहास के हर चरण का अध्य्यन किया जाएगा.
जेम्स वेब टेलिस्कोप पृथ्वी से निकलने के बाद अपनी 15 लाख किलोमीटर की दूरी को जल्द ही तय करने वाला है. इसके बाद आज ये अपने निर्धारित ऑर्बिट में पहुंच जाएगा. टेलिस्कोप का काम ब्रह्मांड की उत्पत्ति का पता लगाना है. ये टेलिस्कोप हबल टेलिस्कोप की जगह लेगा. (सभी तस्वीरें NASA से ली गई हैं.)
जेम्स वेब टेलिस्कोप पृथ्वी से निकलने के बाद अपनी 15 लाख किलोमीटर की दूरी को जल्द ही तय करने वाला है. इसके बाद आज ये अपने निर्धारित ऑर्बिट में पहुंच जाएगा. टेलिस्कोप का काम ब्रह्मांड की उत्पत्ति का पता लगाना है. ये टेलिस्कोप हबल टेलिस्कोप की जगह लेगा. (सभी तस्वीरें NASA से ली गई हैं.)

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