बिना श्रद्धालुओं की मौजूदगी में खुलेंगे यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशीः कोरोना के बढ़ते कहर के बीच विश्वप्रसिद्ध हिमालयी धामों यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार और शनिवार को बिना श्रद्धालुओं की मौजूदगी के खुलेंगे।

कोरोना संक्रमण के चलते ऐसा लगातार दूसरी बार हो रहा है जब पिछले वर्ष भी कपाटोदघाटन् के मौके पर केवल तीर्थ पुरोहित और प्रशासनिक अधिकारी ही मौजूद रहे थे। उधर, उत्तराखंड सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने दोनों धामों के कपाट खोलने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है, जिसमें समारोह के दौरान केवल 25-25 लोग ही उपस्थित रह सकेंगे।

गंगोत्री मन्दिर समिति के सह सचिव राजेश सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट और उसके अगले दिन शनिवार सुबह गंगोत्री धाम के कपाट मात्र 25-25 तीर्थ-पुरोहितों और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में खोले जाएंगे। शुक्रवार दोपहर अभिजीत मुहूर्त में यमुनोत्री धाम के कपाट सवा 12 बजे खुलेंगे, वहीं 15 मई शनिवार की सुबह 07:31 मिनट पर खुलेंगे।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि सरकार द्वारा दोनों धामों के लिए जारी की गई एसओपी के तहत ही गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान धामों में आस-पास के गांवों से भी कोई धाम में प्रवेश नहीं कर पाएगा। बता दें कि राज्य में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 29 अप्रैल को चारधाम यात्रा स्थगित करने की घोषणा की थी और कहा था कि धामों के कपाट नियत समय पर खुलेंगे लेकिन उनमें पूजा पाठ केवल तीर्थ पुरोहित ही करेंगे।

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