महिला प्रधान के पतियों को पढ़ाया जा रहा है पंचायत का पाठ

पूर्व मेदिनीपुर, 05 फरवरी (हि.स.)। राज्य के विभिन्न जिलों में महिला पंचायत प्रधानों के पतियों पर कभी रंगदारी तो कभी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। इसी बीच पूर्व मेदिनीपुर जिला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से एक निर्देश जारी किया गया है। इस निर्देश के मुताबिक ग्राम पंचायतों की महिला प्रधानों के पतियों को भी पंचायत का पाठ पढ़ाया जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, पांच से दस फरवरी तक तमलुक के नीमतौड़ी में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में पंचायत प्रधान और उनके पतियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान ग्राम पंचायत का एक कर्मचारी उनके साथ रहेगा। इस दौरान जिले की 138 महिला प्रधान व उनके पतियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

तृणमूल सूत्रों के मुताबिक, “प्रधान के पतियों को भी यह बताया जा रहा है कि पंचायत का काम कैसे होता है। प्रधान की भूमिका क्या है, वे क्या करते हैं, यह महिला प्रधानों के पतियों को बताया जाएगा।”

वहीं, इस नई गाइडलाइन के जारी होने के बाद से विपक्ष ने इस मामले को लेकर तृणमूल को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा के तमलुक सांगठनिक जिला उपाध्यक्ष आशीष मंडल ने आरोप लगाया कि अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो महिला आरक्षण का क्या मतलब है? वास्तव में, तृणमूल नेताओं को लोगों धोखा देने का लाइसेंस दिया जा रहा है।”