पाम तेल की कीमत एक साल के निचले स्तर पर, क्या उपभोक्ताओं को होगा फायदा

Palm-oil

खाद्य तेल की कीमत: इस त्योहारी सीजन के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद्य तेल की कीमत में भारी गिरावट आई है । कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण पाम तेल की कीमतें एक साल के निचले स्तर पर आ गई हैं। वैश्विक मंदी के चलते सोयाबीन , सीपीओ, पाम ऑयल और सूरजमुखी की कीमतों में करीब आधा की गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर सोयाबीन की नई फसल की आवक भी शुरू हो गई है, जिससे इसकी कीमतों पर बड़ा असर देखने को मिला है. विदेशी बाजारों में मंदी का असर खाद्य तेल की कीमतों समेत सभी जिंसों की कीमतों पर पड़ रहा है। विदेशी बाजारों में गिरावट के बाद घरेलू बाजारों में तेल और तिलहन की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है.

आम आदमी को महंगे खाद्य तेल से राहत देने के लिए सरकार ने इसके आयात पर सीमा शुल्क में छूट की सीमा मार्च 2023 तक बढ़ा दी है। सरकार के इस फैसले से खाद्य तेल की आपूर्ति बरकरार रखने में मदद मिलेगी, साथ ही घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। राहत की बात यह भी है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेल की कीमत में कमी आई है और इसके साथ ही शुल्क भी कम किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम तेल की कीमत में 40 फीसदी की गिरावट आई है. लेकिन अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या तेल की कीमतों में कमी और सरकार के कदमों से आम लोगों को फायदा हुआ है?

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2022 में मूंगफली का तेल औसतन रु. 188 प्रति किग्रा. तो सरसों का तेल 172.66 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिल रहा है. सोयाबीन तेल 156 रुपये प्रति किलो, सूरजमुखी तेल 176.45 रुपये प्रति किलो, पाम तेल 132.94 रुपये प्रति किलो और सब्जी 152.52 रुपये प्रति किलो पर उपलब्ध है।

कीमतों में कटौती के बाद बढ़ा आयात

आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेल की कीमत में गिरावट के बाद भारत द्वारा पाम तेल का आयात 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। जुलाई के मुकाबले अगस्त में आयात 94 फीसदी बढ़ा है। आने वाले फेस्टिव सीजन को देखते हुए सितंबर महीने में भी कंपनियां ज्यादा इंपोर्ट करने जा रही हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या आम लोगों को सस्ते खाद्य तेल का लाभ मिलेगा। भारत अपनी कुल खपत का 60 प्रतिशत खाना पकाने के तेल का आयात करता है।

भारत 10 लाख टन पाम तेल आयात कर सकता है

भारत दुनिया के सबसे बड़े पाम तेल आयात करने वाले देशों में से एक है। इससे देश में खाद्य तेल की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी। भारत ने अगस्त में 994,997 टन पाम तेल का आयात किया, जबकि जुलाई में 530,420 टन पाम तेल का आयात किया था। माना जा रहा है कि भारत सितंबर में 10 लाख टन पाम तेल का आयात कर सकता है।

आपको बता दें कि पाम तेल अन्य खाद्य तेलों की तुलना में सस्ता है, इसलिए कंपनियों ने आक्रामक रूप से पाम तेल का आयात किया है। वहीं, भारत में त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। तो शादियों का सीजन भी साथ आ रहा है। ऐसे में पाम ऑयल की मांग बढ़ सकती है। यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि इसके सस्ते खाद्य तेल से लोगों को क्या फायदा होगा।

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