भोपाल: पुलिस बल की योग्यता ही साइबर अपराध पर रोकथाम लगा सकती है: डीजीपी

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भोपाल, 22 सितंबर (हि.स.)। मैं एक ऐसे भविष्य की कल्पना कर रहा हूँ जहां हम अपराधियों से आगे की सोच रहे हों। इंटरनेट की भौगोलिक सीमाएं नहीं हैं अत: सायबर अपराध भी वैश्विक हैं। देश और दुनिया के साझा प्रयास ही सायबर अपराध रोकथाम में सहायक होंगे। सीआईआईएस इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

पुलिस बल के हर स्तर पर क्षमता निर्माण और उपलब्ध प्रौद्योगिकियों तथा नवीनतम तकनीकों का उपयोग करने की योग्यता ही सायबर अपराधों से सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करेगी। यह बात पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने गुरूवार को आर.एस.पी.वी.नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में मध्यप्रदेश सायबर पुलिस द्वारा आयोजित दस दिवसीय सायबर क्राइम इंवेस्टिगेशन एण्ड इंटेलीजेंस समिट (सीआईआईएस-4) के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी सुलभ होने से हमारी सोच से अधिक सायबर अपराध हो रहे हैं। वर्ष 2020 में इस तरह के 50 हजार से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए।

सीआईआईएस जैसे आयोजन इन सायबर अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पूरे देश के कानून प्रवर्तन अधिकारियों को एक साझा प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का असाधारण और कठिन कार्य था सीआईआईएस जिसे मध्यप्रदेश सायबर पुलिस टीम ने कुशलता से पूरा किया।

उन्होंने कहा कि पिछले दस दिनों में समिट के दौरान कई तकनीकी आयामों के विषय में हमारे बलों का ज्ञानवर्धन हुआ है। इसमें डिजिटल फोरेंसिक, सायबर अपराध् से संबंधित कानून, क्रिप्टोकरेंसी, डेटा प्रायवेसी, सायबर फ्राड/धमकी सहित कई विषय शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय सायबर विशेषज्ञों के कीनोट्स ने प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर पर संभावनाओं की जानकारी दी तथा उन प्रकरणों पर विचार-विमर्श हुआ जिन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सुलझाने में सहायता मिली।

डीजीपी सक्सेना ने समिट के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस समिटमें 6819 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। दस दिनों में 44 घंटों से अधिक के व्याख्यान हुए तथा चार अंतर्राष्ट्रीय सायबर विशेषज्ञों सहित 57 विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। उन्होंने कहा कि हम इस समिट का समापन एक बेहतर सुप्रिशिक्षित बल, नई अनुभूत तकनीकों और अनंत संभावनाओं के साथ कर रहे हैं जो देश की कानून प्रर्वतन एजेंसियां प्राप्त कर सकती हैं।

सक्सेना ने कहा कि चुनौती बड़ी है पर मनोबल ऊंचा रखें। सायबर विशेषज्ञों से सतत् जीवंत संपर्क रखें ताकि तकनीकों से अपडेट रहें। सायबर सेल तथा जिला सायबर सेल पूर्ण सक्रिय रहे। टेलेंट हंट के द्वारा आरक्षक और प्रधान आरक्षकों को सायबर सेल के लिए चयनित किया जाए।

अतिरिक्त पुलिस महानिदशेक सायबर योगेश देशमुख ने कहा कि जितनी तेजी और जटिलता से सायबर क्राइम बढ़ रहे हैं उतनी ही तीव्रता से पूरे सिस्टम को सक्षम किया जाना ही इस समिट का उद्देश्य है।

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