अम्बेडकरनगर में नौकरी के नाम पर एक करोड़ की ठगी, संजय टंडन और माफियाओं के जाल में जिले के बेरोजगार युवा हुए शिकार

लखनऊ. प्रदेश भर में नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों की वजह से बेरोजगार युवा अक्सर शिकार बन जाते है, उन्हें भी इस ठगी का एहसास तब होता है, जब वो पैसा और समय गँवा चुके होते हैं. ऐसा ही एक मामला फिर से उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में सामने आया है. जहाँ एक महाविद्यालय में नौकरी के नाम पर जिले के बेरोजगार युवाओं दर्जनों युवाओं से करोडो रु लेकर एक ठग अब फरार चल रहा है. खास बात ये है कि वो अब पैसे लौटाने के नाम पर उन्हीं लोगों को कई बड़े मफियाओं से धमकी भी दिला रहा है.

अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर में युअवों को सुनियोजित ढंग से षणयन्त्र बनाकर ठगी करने वाला व्यक्ति संजय टण्डन है. जो कि अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर क्षेत्र में रामजानकी मंदिर शहजादपुर का मूल रूप से निवासी है.

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संजय टंडन का वसूली और जालसाजी का नेटवर्क इस कदर गाँव गाँव में बना हुआ है कि, हर क्षेत्र में प्राइवेट अथवा सरकारी नौकरी के नाम पर वसूली के लिए पैसे आसानी से मिल जाते हैं. जिले के कई मफियाओं और सरकारी अधिकारीयों से उसके अच्छे संबंधों के नाम पर हर बार वो बच जाता है.


बीते कुछ वर्षों से इसका यह जालसाजी का धंधा बड़े धड़ल्ले से चल रहा है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि जनपद मुख्यालय पर स्थित एक विद्यालय के प्रधानाचार्य की मिलीभगत से संजय टण्डन अपने धोखाधड़ी के धंधे को अंजाम दे रहा है। संजय टण्डन के षड्यंत्र में भागीदार इस प्रधानाचार्य के विरुद्ध आर्थिक गबन करने व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप में कानूनी जांच चल रही है। इस बार जिले के ही एक इंटर कॉलेज और डिग्री कालेज में नौकरी के नाम पर एक दर्जन लोगों से एक करोड़ रु 2017 में लिए थे, जिसे अब तक वापस नहीं किया है. वहीँ क्षेत्र के सिपाही नाम से मशहूर एक माफिया से कई लोगों को फोन भी करवा चुका है.

संजय टण्डन षडयंत्र पूर्वक अपने निकटस्थ/ करीबी लोगों के विरुद्ध फर्जी नाम और पते से उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजता है, जब वहां से कई शिकायत पत्र का कोई उत्तर आता है तब यह जांच प्रक्रिया को दबाने के लिए पीड़ित से अच्छी खासी रकम वसूलता है। कई युवक जो इसके धोखाधड़ी के षड्यंत्र के शिकार हुए हैं, उन युवकों ने कई ऑडियो,वीडियो सबूत जो संजय टण्डन के विरुद्ध हैं वह प्रशासन को दिए हैं और मदद/इंसाफ की गुहार लगाई है।

संजय टण्डन अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। इसके खिलाफ जनपद न्यायालय में पहले से ही कई मुक़दमे दर्ज हैं, जो कि 233,224,225,225 बी ,504 धाराओं में दर्ज हैं. इसके अलावा 22-3- 2000 में मुकदमा संख्या 61/ 2000 पंजीकृत है, यह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था।

वहीं संजय टंडन के खिलाफ राजस्व विभाग में खुद विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। अभी पता चला है कि संजय टण्डन सन 2016 में दुबई पैसे के साथ भागने के चक्कर में था परंतु पुलिस विभाग द्वारा क्लीन चिट ना देने के कारण यह भागने में विफल हो गया। वहीं क्षेत्रीय विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि जल्द ही संजय टंडन अपने फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश छोड़कर बाहर भागने वाला है, क्यूंकि इसने अपने काफी ऊंची पहचान के दम पर फर्जी पासपोर्ट तक बनवाने के लिए रु दे दिए हैं, यदि सब कुछ ऐसा ही रहा और जिला प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो जल्द ही वो बाहर भागने में कामयाब हो जाएगा.

 

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