नई दिल्ली : आज 74वां भारतीय थल सेना दिवस है। इस अवसर पर दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में परेड आयोजित की गई। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने इस परेड का निरीक्षण किया। नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देने की अपनी आदत से लाचार है। सीमा पार प्रशिक्षण शिविरों में तकरीबन 300-400 आतंकवादी घुसपैठ करने के अवसर की तलाश में बैठे हैं। सरहद पार से ड्रोन द्वारा हथियारों की तस्करी की कोशिश भी जारी है। सेना दिवस पर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “कोविड महामारी के दौरान पड़ोसी देशों के साथ हमारा आपसी सहयोग और बढ़ा है। संयुक्त राष्ट्र पीसकीपिंग ऑपरेशन में भारतीय सेना का महत्वपूर्ण योगदान हमेशा रहा है। हमारे सेना के आज भी 5,000 से ज्यादा सैनिक विभिन्न पीसकीपिंग मिशन में तैनात हैं, जो देश को अलग पहचान दे रहे हैं।” फील्ड मार्शल के एम करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की याद में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। करियप्पा ने 1949 में भारतीय सेना के अंतिम शीर्ष ब्रितानी कमांडर से यह पदभार ग्रहण किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना दिवस पर भारतीय सेना की सराहना की। मोदी ट्वीट करके कहा, ”भारतीय सेना के जवान दुर्गम इलाकों में सेवाएं देते हैं और राष्ट्रीय आपदा समेत मानवीय संकट के दौरान नागरिकों की मदद के लिए आगे रहते हैं। विदेशों में शांति अभियानों के दौरान सेना के शानदार योगदान पर भारत को गर्व है। खासकर साहसी जवानों, सम्मानीय सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों को सेना दिवस की शुभकामनाएं। भारतीय सेना को उसकी बहादुरी और पेशेवर रवैये के लिए जाना जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके अतुलनीय योगदान को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।”

ऑराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की अहम भूमिका रही है और देश उनकी सेवा के लिए उनका आभारी है। कोविंद ने सेना दिवस पर मौजूदा और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के दौरान पेशेवर रवैये, कुर्बानी और बहादुरी का परिचय दिया।