Omicron: विशेषज्ञों का दावा- कोरोना हमारे साथ रहने वाला, हमें डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट के साथ जीना होगा

देश में कोरोना और ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron variant) के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दुनियाभर के विशेषज्ञ इन वेरिएंट्स पर अपने-अपने विचार रख रहे हैं. इस बीच ICMR के सेंटर ऑफ एडवांस्ड रिसर्च इन वायरोलॉजी के पूर्व निदेशक, सेवानिवृत्त प्रोफेसर और CMC वेल्लोर में क्लिनिकल वायरोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर टी जैकब जॉन (Dr T Jacob John) ने दावा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस हमारे साथ रहने वाला है और यह भी संभावना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट और डेल्टा वेरिएंट (Delta variant) एक साथ प्रसारित हो सकते हैं.

डॉक्टर जैकब जॉन ने वायरस के संचरण को कम करने और उत्परिवर्तन द्वारा नए वेरिएंट के उभरने के जोखिम को कम करने के लिए बच्चों को जल्द से जल्द टीकाकरण कराए जाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “मैं टीकों के साथ बच्चों के टीकाकरण का समर्थक हूं जो सुरक्षित और प्रभावी हैं. यदि बच्चों को टीका नहीं लगाया जाता है, तो वे वायरस के भंडार के रूप में कार्य करेंगे और हम यह जानते हैं कि ओमिक्रॉन वेरिएंट बच्चों को आसानी से प्रभावित करता है. ऐसे में उन्हें और अधिक तेज अभियान के साथ टीका लगाया जाना चाहिए.”

“बूस्टर डोज और RT-PCR टेस्ट जरुरी”

डॉक्टर जॉन, अन्य वायरोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ, कल गुरुवार को ‘वेरिएंट, टीके और हमारे’ (Variants, Vaccines and Us) पर एक ऑनलाइन चर्चा में बोल रहे थे. विशेषज्ञों ने बच्चों के लिए टीकाकरण के साथ-साथ बूस्टर डोज और आरटी-पीसीआर परीक्षणों के महत्व को भी रेखांकित किया.

 

विशेषज्ञों ने दावा करते हुए कहा, “इस बात की अभी कोई संभावना नहीं है कि हम जल्द कोरोना से पहले वाले दौर में जाने वाले नहीं हैं. इसके बजाय, यह संभावना भी है कि हमें आने वाले समय में डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट के साथ सह-अस्तित्व में रहना होगा.”

“टीके हमारे लिए सबसे अच्छी व्यवस्था”

NIMHANS में न्यूरोवायरोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर और SARS-CoV-2, कर्नाटक सरकार की जीनोमिक पुष्टि के नोडल अधिकारी डॉ वी रवि ने कहा कि वर्तमान डेटा से पता चलता है कि ओमिक्रॉन दोहरे टीकाकरण वाले लोगों में अधिक देखा जाता है. “तो, यह हमारे हित में है कि हम अपनी सुरक्षा को कम न होने दें.”

अपोलो अस्पताल के सलाहकार और संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ वी रामसुब्रमण्यम ने कहा, “टीके हमारे लिए सबसे अच्छी व्यवस्था है क्योंकि वे बीमारी की गंभीरता को कम करते हैं. अभी तक सर्दी-खांसी के साथ एक दिन का बुखार जैसे हल्के लक्षणों के जरिए इलाज किया जा रहा है. हालांकि, अगर हमें भविष्य में डेल्टा की गंभीरता के साथ ओमिक्रॉन जैसा कुछ मिलता है, तो यह बुरी खबर है.”

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