NCLT को फैसला देने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई:फ्यूचर रिटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज से तीन सप्ताह में जवाब मांगा, अमेजन की अपील पर नोटिस दिया

  • नेशनल लॉ कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल अपनी कार्यवाही जारी रखेगी
  • दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है अमेजन

अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के बीच चल रही कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। अमेजन की अपील पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में दोनों कंपनियों से तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस-फ्यूचर के बीच हुई डील की आगे की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।

अंतिम फैसला नहीं दे पाएगी NCLT

सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल के बीच हुए सौदे पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) को कार्यवाही जारी रखने को कहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि NCLT इस मामले में अंतिम फैसला नहीं कर सकेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच अगस्त में 24,713 करोड़ रुपए का सौदा हुआ था। इस सौदे पर अमेजन आपत्ति जता रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी अमेजन

अमेजन की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस के साथ सौदे में यथास्थिति बरतने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ फ्यूचर ग्रुप हाईकोर्ट की डबल बेंच के पास पहुंचा था। डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगाते हुए फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस के साथ सौदा पूरा करने की मंजूरी दे दी थी। हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश पर रोक लगवाने और अंतरिम राहत पाने के लिए अमेजन के सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।

रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील को रोकने की मांग कर रही है अमेजन

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुई डील को रोकने की मांग की कोशिश कर रही है। इसके लिए अमेजन ने फ्यूचर कूपंस के बीच हुई डील का हवाला दिया है। अमेजन का तर्क है कि 2019 में फ्यूचर यूनिट के साथ हुए एक अलग सौदे में यह क्लॉज़ था कि फ्यूचर ग्रुप रिलायंस सहित “प्रतिबंधित व्यक्तियों” की सूची में किसी को भी अपनी रिटेल संपत्ति नहीं बेच सकता है।

अगस्त में हुई थी रिलायंस-फ्यूचर डील

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अगस्त में किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप को खरीदने की घोषणा की थी। यह सौदा 24,713 करोड़ रुपए में हुआ था। इस सौदे के तहत फ्यूचर ग्रुप का रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स एंड वेयरहाउसिंग कारोबार रिलायंस को मिलेगा। रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड और रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड ने फ्यूचर ग्रुप के इन कारोबारों को खरीदा है। रिलायंस ने देश में रिटेल कारोबार के विस्तार के लिए यह सौदा किया था।

SEBI दे चुकी है सौदे को मंजूरी

रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए सौदे को सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने मंजूरी दे दी है। SEBI ने अमेजन की आपत्ति के बावजूद यह मंजूरी दी है। इससे पहले कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) भी इस सौदे को मंजूरी दे चुका है। हाल ही में फ्यूचर ग्रुप के फाउंडर और CEO किशोर बियानी ने कहा था कि SEBI की मंजूरी के बाद रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील दो महीने में पूरी हो जाएगी। किशोर बियानी ने कहा था कि अमेजन के साथ विवाद पर सुनवाई और रिलायंस के साथ डील, दोनों साथ चलती रहेंगी।

सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत लगा चुकी है डील पर रोक

रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील के विरोध में अमेजन ने सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के एकमात्र मध्यस्थ वीके राजा ने अमेजन की याचिका पर इस डील पर रोक लगा दी थी। हालांकि, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब इस मामले में तीन सदस्यीय मध्यस्थता पीठ अंतिम निर्णय करेगी। इस पीठ में फ्यूचर और अमेजन की ओर से एक-एक सदस्य नामित होंगे। एक सदस्य तटस्थ होगा।

 

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