मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने पाकिस्तान में बनाई नई पार्टी, आतंकियों को चुनावी रण में उतारा

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और लाहौर की जेल में बंद आतंकी हाफिज सईद ने पाकिस्तान के आगामी चुनाव के लिए मरकजी मुस्लिम लीग नाम से अपनी पार्टी बनाई है और आतंकियों को चुनावी रण में उम्मीदवार बनाया है.

पाकिस्तान में 8 फरवरी को चुनाव होने हैं. इस चुनाव से पहले मरकज़ी मुस्लिम लीग नामक पार्टी की स्थापना हाफ़िज़ सईद की मानी जाती है। हालाँकि, प्रतिबंधों से बचने के लिए इसे नए नाम से लॉन्च किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पार्टी के कुछ उम्मीदवार हाफिज के रिश्तेदार हैं या पहले प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा या मिल्ली मुस्लिम लीग से जुड़े रहे हैं।

लाहौर में कैद सईद को पाकिस्तान की एक अदालत ने आतंकवाद से जुड़े एक से अधिक मामलों में 31 साल जेल की सजा सुनाई है। 2008 में उसका नाम संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल किया गया था। वहीं, पाकिस्तान ने भी जमात-उद-दावा संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जमात उद दावा में एनएएस इंटरनेशनल ट्रस्ट, फलाह इंसानियत फाउंडेशन, अल अनफाल ट्रस्ट, खमताब इंस्टीट्यूट, अल दावत अल अरशद, अल हमद ट्रस्ट, अल मदीना फाउंडेशन जैसे ट्रस्ट शामिल हैं। हालांकि, जानकार बता रहे हैं कि हाफिज सईद ने मरकजी मुस्लिम लीग के नाम से नए चेहरे के साथ जमात-उद-दावा लॉन्च किया है।

खबरों के मुताबिक, हाफिज के बेटे हाफिज तल्हा चुनाव मैदान में उतर गए हैं और उन्होंने लाहौर सीट से नेशनल असेंबली के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल की है. वहीं हाफिज सईद के दामाद हाफिज नेक गुज्जर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं.

2018 में भी जमात-उद-दावा से जुड़े लोगों ने मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी से चुनाव लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन सरकार के विरोध के बाद चुनाव आयोग ने इस संगठन पर भी प्रतिबंध लगा दिया और उनके उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द कर दी. इसके बाद इन उम्मीदवारों ने दूसरी अज्ञात पार्टी से चुनाव लड़ा लेकिन सभी उम्मीदवार हार गए।