मुरैना: भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, खेत-खलिहान डूबे, एक दर्जन गांवों से सम्पर्क टूटा

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मुरैना/पहाडग़ढ़, 22 सितंबर (हि.स.)। आदिवासी विकास खण्ड पहाडग़ढ़ के जंगल व ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिन से लगातार वर्षा हो रही है। इससे क्षेत्र के नदी नाले उफान पर है। सोन नदी का पानी रपटा के ऊपर चार फिट आ जाने से लगभग एक दर्जन गांवों का पहाडग़ढ़ से सम्पर्क टूट गया है। यह पानी सैकड़ों बीघा खरीफ फसल के खेतों में प्रवेश कर गया है। इससे सब्जी की फसल भी बर्बाद हो गई है। विदित हो कि सोन नदी के इस रपटे पर पूर्व में भी कई घटनायें हो चुकीं हैं।

बता दें कि मुरैना जिले में लगातार रूक-रूक कर हो रही वर्षा के कारण खरीफ की फसल पर संकट छा रहा है। इस वर्षा का विशेष प्रभाव पहाडग़ढ़ क्षेत्र में देखा जा रहा है। बीते 24 घंटों में 16.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है। शहरी क्षेत्रों में आवागमन व काम-काज पर जहां प्रभाव देखा गया है, वहीं पहाडग़ढ़ की सोन नदी तेज उफान पर है।

पहाडग़ढ़ किले के पीछे बने रपटे पर 4 फुट पानी आ गया है। इससे क्षेत्र के एक दर्जन गांव तिलोंजरी, कहारपुरा, तीर्थ स्थान हनुमान मंदिर, खडरियापुरा, जाजीपुरा, मानपुर, बहराई, निरार, बघेवर, रामनगर, गूलापुरा का सम्पर्क पहाडग़ढ़ से टूट चुका है। ग्रामीण नदी के किनारे रपटे पर पहुंच रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। वर्षा के कारण नदी-नालों में आये उफान से पानी खेत-खलिहानों में प्रवेश कर गया है। कुछ खेतों में बाजरा की फसल कटी पड़ी थी वह समूल रूप से नष्ट हो गई है। इसी तरह खेतों में अधिक दिवस तक पानी जमा रहेगा। उस स्थिति में खरीफ, बाजरा व दलहन की फसलें बर्बाद हो जायेंगी। नदी नालों के किनारे के खेतों में किसानों द्वारा सब्जी की फसलें भी पानी भर जाने से नष्ट हो रहीं हैं। आंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र मुरैना के तकनीकी विशेषज्ञ एवं मौसम वैज्ञानिक डा. हरविंदर सिंह ने बताया कि कल भी बारिश की संभावना है।

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