अधिक से अधिक महिलाएं बनेगी लखपति, अमेजॉन बेचेगा ग्रामीण उत्पाद : गिरिराज सिंह

बेगूसराय, 14 मई (हि.स.)। स्वयं सहायता समूह (एसएसजी) एवं ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने शानदार पहल किया है। इसके तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं अमेजॉन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (अमेजॉन) के बीच समझौता किया गया है। यह समझौता एनआरएलएम के तहत एसएचजी उद्यमियों को अमेजॉन सहेली स्टोरफ्रंट के माध्यम से पूरे भारत में खरीदारों को अपने उत्पादों की पेशकश करने में सक्षम करेगा और एसएचजी महिलाओं को उनके विभिन्न उत्पादों के लिए अच्छे मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगा।

अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय के चार दिवसीय दौरा पर आए केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय और अमेजॉन के बीच समझौता ज्ञापन पहला कदम है तथा समझौता ज्ञापन में परिकल्पित परिणामों को समझौते की नियमित निगरानी के बाद सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ग्रामीण विकास मंत्रालय और अमेजॉन के बीच समझौता ज्ञापन के बाद अमेजॉन मंच पर बिक्री में वृद्दि करने और यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है कि अधिक से अधिक महिला कारीगर ”लखपति” बनें। अमेजॉन और ग्रामीण विकास मंत्रालय दोनों को मौजूदा उत्पादों, उनकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग के दौरान आने वाली चुनौतियों की पहचान करनी चाहिए।

एसएचजी उत्पादों के विपणन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए एनआरएलएम अमेजॉन सहेली के साथ समझौता किया है तथा दोनों संस्थाओं ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को अमेजॉन सहेली के स्टोरफ्रंट की पेशकश करने के लिए एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अमेजॉन पर सभी भारतीय खरीदारों के लिए एसएचजी उत्पादों को उपलब्ध कराने के लिए नया मंच प्रदान करेगा। अमेजॉन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय संयुक्त रूप से पहचाने गए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों के वाणिज्यिक और सामाजिक विकास को सक्षम बनाएगा।

अमेजॉन डॉट इन पर ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादों को सूचीबद्ध करने के लिए अमेजॉन, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नियुक्त विक्रेताओं को प्रशिक्षण और जानकारी देने में सहायता करेगा। अमेजॉन एसएचजी के लिए धीमी शुरूआत को कम करने के लिए शुभारंभ पर रेफरल शुल्क में छूट, इमेजिंग और कैटलॉगिंग और खाता प्रबंधन सहायता प्रदान करेगा। सहेली स्टोरफ्रंट, सोशल मीडिया, इवेंट्स और ऑनसाइट व्यापार के माध्यम से एसएचजी द्वारा सूचीबद्ध उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और बढ़ावा देने में मदद करेगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय संबंधित एसआरएलएम के माध्यम से अमेजॉन पर बेचने के लिए जीएसटी सत्यापित विक्रेताओं की पहचान करने, उन्हें अवगत कराने, जीएसटी, पीएएन आदि हासिल करने में भी विक्रेताओं की सहायता करेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय और अमेजॉन जागरूकता सृजन के लिए संयुक्त कार्यशाला, विक्रेताओं को अपने उत्पादों को सूचीबद्ध करने तथा व्यवसाय को बढ़ाने में सहायता करेंगे। डीएवाई-एनआरएलएम ने एसएचजी को अपने उत्पादों के लिए बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एसएचजी उत्पादों को पंजीकृत कराने के प्रयास किए गए हैं, इसमें कुछ राज्यों द्वारा प्रबंधित समर्पित वेब-पोर्टल भी शामिल हैं। संभावित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का पता लगाया गया है तथा एनआरएलएम एसएचजी के लिए उनके तैयार किए गए उत्पादों को बिक्री प्लेटफॉर्म पर शामिल करने के लिए सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) में सरस संग्रह जैसे विशिष्ट प्रावधान बनाए गए हैं। 30 अप्रैल तक 455 एसएचजी एवं एसएचजी सदस्यों द्वारा जीईएम पर 1088 उत्पाद अपलोड किए गए हैं। इसी तरह फ्लिपकार्ट पर 14 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 114 एसएचजी विक्रेताओं के 445 उत्पाद उपलब्ध हैं।

Check Also

एटीएम धोखाधड़ी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

कूचबिहार, 26 मई (हि.स.)। हल्दीबाड़ी में एटीएम की बड़ी धोखाधड़ी का एक मामला गुरुवार को …