हिंदू समुदाय की लड़कियों के जबरन धर्मातरण के खिलाफ कराची में बड़ा प्रदर्शन

इस्लामाबाद,पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों के जबरन धर्मातरण के खिलाफ रविवार को कराची प्रेस क्लब के सामने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बजाए प्रदर्शन करने वाले हिंदुओं को ही राष्ट्र विरोध गतिविधियों के झूठे आरोप लगाकर गिरफ्तार कर रही है। द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसी कथित घटनाओं के विरोध में 26 जनवरी को कराची प्रेस क्लब के बाहर हिंदू समुदाय के लोगों सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि जबरन धर्म परिवर्तन की सबसे हालिया घटना 15 साल की हिंदू लड़की महक कुमारी की है, जो 16 जनवरी को लापता हो गई थी। महक जैकोबाबाद की रहने वाली है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “उसके परिवार का कहना है कि एक मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली व्यक्ति ने उसका अपहरण कर कर धर्मांतरण करा दिया है। उसे शिकारपुर के दरगाह अमरोत शरीफ में इस्लाम धर्म कबूल कराकर उससे निकाह किया गया।”

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस सिंध बाल विवाह निरोधक कानून के तहत कार्रवाई नहीं कर रही है, क्योंकि इसमें शामिल परिवार गैर-मुस्लिम है। सामाजिक कार्यकर्ता बिरमा जेसरानी ने कहा, “दुर्भाग्य से अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई है। अल्पसंख्यकों की नाबालिग लड़की को कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है। उसका जबरन धर्मातरण कराकर निकाह करा दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि ऐसी हिंदू लड़कियों को ढूंढने और हिंदू समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने के बजाए पुलिस ने जैकोबाबाद में हिंदू समुदाय के सदस्यों का ही उत्पीड़न किया है।

विरोध प्रदर्शन के आयोजक राज कुमार ने कहा, “पुलिस ने धर्म परिवर्तन का विरोध करने वाले चार हिंदू लोगों को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के झूठे मामले में गिरफ्तार किया है। अब उनके घरों पर छापेमारी करके समुदाय को परेशान किया जा रहा है।”

प्रदर्शनकारियों ने यह सवाल भी पूछा कि केवल युवा हिंदू लड़कियों को ही इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित क्यों किया जा रहा है और उम्रदराज हिंदू ऐसा (धर्म परिवर्तन) करते हुए क्यों नहीं पाए जाते?

प्रदर्शनकारियों ने प्रांत में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ अत्याचारों के खिलाफ नारे लगाए और बैनर लहराए। इन बैनरों पर विभिन्न स्लोगन लिखे गए थे। इनमें ‘अपहरण के बाद हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण को रोकें’, ‘जबरन धर्म परिवर्तन एक इस्लामिक विचारधारा नहीं है’ और ‘कृपया हमें शांति से जीने दें’ शामिल थे।

पाकिस्तान हिंदू काउंसिल (पीएचसी) ने भी पांच जुलाई 2019 को कराची के प्रेस क्लब के सामने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे।

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