पाकिस्तान की संसद की सुरक्षा में चूक! क्लाश्निकोव लेकर भवन के पास तक पहुंचा शख्स, हवा में लहराता रहा हथियार

पाकिस्तान (Pakistan) के संसद भवन (Parliament House) के बाहर एक व्यक्ति को क्लाश्निकोव लहराने (Man with Kalashnikov in Pakistan Parliament) के आरोप में गुरुवार को गिरफ्तार किया गया. पाकिस्तान की अराई न्यूज ने इसकी जानकारी दी. कांस्टीट्यूशन एवेन्यू में संसद भवन के बाहर हथियार के साथ एक व्यक्ति देखे जाने से राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में अफरा-तफरी मच गई. देश के सबसे सुरक्षित इलाके में से एक में व्यक्ति का हथियार लेकर पहुंचना सवालिया निशाना उठाता है. वहीं, पुलिस को सूचना मिलेत ही वह मौके पर पहुंची और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने कहा कि संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने वाले बंदूकधारी को गिरफ्तार कर लिया गया. इसने बताया कि उसकी पहचान जेयूआई-एफ नेता मुफ्ती किफायतुल्लाह (Mufti Kifayatullah) के गार्ड के रूप में हुई है. अत्यधिक प्रतिबंधित इस्लामाबाद के रेड जोन में कलाश्निकोव को लहराने के लिए गार्ड को गिरफ्तार कर पुलिस स्टेशन में भेज दिया गया. पुलिस ने कहा कि संसद भवन के बाहर लाइसेंसी हथियार रखना भी बैन है. पाकिस्तान की संसद के बाहर पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें आरोपी हथियारों के साथ संसद भवन परिसर के पास तक पहुंच गए हैं.

हथियार और खंजर के साथ संसद भवन के बाहर पहुंचा व्यक्ति

पिछले साल पुलिस ने संसद भवन के बाहर एक बुजुर्ग को हथियारों के साथ पकड़ा था. पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा और खंजर बरामद किया था. बंदूकधारी एक हाथ में बंदूक और दूसरे में खंजर लिए 45 मिनट से अधिक समय तक संसद भवन के बाहर घूमता रहा. संदिग्ध अपनी बंदूक हवा में हिला रहा था. पुलिस उसके पास आने से कतरा रही थी, क्योंकि उसने ऐसा दिखाया हुआ था कि उसने सुसाइड वेस्ट पहनी हुई है और पुलिस के पास आते ही खुद को उड़ा लेगा. यही वजह रही कि उसे पकड़ने में पाकिस्तानी पुलिस के पसीने छूट गए और आरोपी को गिरफ्तार करने में इतना वक्त लगा.

2013 में भी हथियारों के साथ संसद भवन तक पहुंचा व्यक्ति

वहीं, 15 अगस्त 2013 को, सिकंदर नाम का एक व्यक्ति ऑटोमैटिक हथियारों से लैस होकर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ इस्लामाबाद में कॉन्स्टिट्यूशन एवेन्यू के बीच में चला गया था, जहां उसने हवा में गोलियां चलाईं और अधिकारियों के साथ भिड़ गया. ये पूरा सिलसिला रातभर चलता रहा. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता जमरूद खान आरोपी से भिड़ गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी और उसे घायल कर दिया. 11 मई 2017 को, एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने सिकंदर को 16 साल की जेल की सजा के साथ-साथ 1,10,000 रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई.

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