मैनपुरी उपचुनाव : भाजपा ने डिंपल को घेरने के लिए की चक्रव्यूह रचना

फर्रुखाबाद, 15 नवम्बर (हि.स.)। मैनपुरी लोकसभा में होने जा रहे उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजनीति की चौसर पर सियासी गोटियां बिछा दी हैं। भाजपा ने जिस तरह इस चुनावी महाभारत में जीत दर्ज कराने के लिए चक्रव्यूह रचना की है उससे समाजवादी पार्टी (सपा) उम्मीदवार डिंपल यादव का बाहर निकलना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन नजर आ रहा है। भाजपा ने उपचुनाव में सपा प्रत्याशी को हर हालत में हराने के लिए कद्दावर नेता रघुराज सिंह शाक्य को प्रत्याशी घोषित किया है जिससे शाक्य, कुशवाहा, मौर्य, सैनी समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है।

डिंपल यादव के नामांकन के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव एवं चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच काफी दूरी देखी गई। अखिलेश ने नामांकन में शिवपाल सिंह यादव को न बुलाकर साफ कर दिया है कि उन्हें चुनाव जीतने के लिए चाचा की जरूरत नहीं है।

उल्लेखनीय है कि इटावा में लगातार दो बार सांसद होने का रिकॉर्ड कायम करने वाले एवं इटावा सदर के पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी है। इसके साथ ही वह पूर्व मुख्यमंत्री व सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भी खास-म-खास रहे। वर्ष 1994 में मुख्यमंत्री बनने पर मुलायम सिंह यादव ने रघुराज सिंह शाक्य को नगर विकास विभाग में कर अधीक्षक की नौकरी दिलवाई थी। दो बार इटावा में एमपी व इटावा शहर से टिकट देकर विधायक बनवाया था। शिवपाल सिंह यादव ने जब वर्ष 1996 में जसवंत नगर से चुनाव जीता था तब उनके चुनाव की कमान रघुराज सिंह शाक्य ने ही संभाली थी। शिवपाल ने परिवार में कलह के बाद जब प्रगतिशील समाज पार्टी बनाई, तब भी रघुराज शाक्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था।

बीते चुनाव में अखिलेश यादव ने शिवपाल सिंह यादव के पर कतरने के लिए उनकी सलाह के बावजूद इटावा सदर से रघुराज सिंह शाक्य को एमएलए की टिकट नहीं दी थी। तब रघुराज ने मजबूरन भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। अब यादव समाज में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ गई है कि आखिर प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव को पहचानने से क्यों मना कर दिया है।

सैफई परिवार की जबरदस्त जंग से भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य को काफी फायदा होगा। रघुराज शाक्य के समर्थकों में इस बात की जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है कि शिवपाल सिंह यादव भाजपा प्रत्याशी की मदद करेंगे। भाजपा नेत्री अपर्णा यादव भी भाजपा प्रत्याशी का मैनपुरी में चुनाव प्रचार करेंगी। शिवपाल यादव एवं अपर्णा यादव डिंपल यादव की साइकिल की हवा निकालेंगे। बाबा का बुलडोजर समाजवादी पार्टी के किले को ध्वस्त करने के लिए तैयार हैं। इस चुनावी महाभारत में भाजपा की चक्रव्यूह रचना से बाहर निकलना अब आसान नहीं रहा है। भाजपा हर हाल में इस सीट को हासिल करने के लिए तैयारी में जुट गई है।

वरिष्ठ पत्रकार बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मैनपुरी उपचुनाव में सपा की डिंपल यादव की जीत आसान नहीं होगी। भाजपा ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारते ही साफ कर दिया है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन से रिक्त मैनपुरी लोकसभा सीट को जीतने की राह कांटों भरी होगी। उसमें उनके चाचा शिवपाल यादव की दूरी और भाजपा उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य का जनता के बीच की पैठ बड़ी चुनौती साबित कर रही है। फिलहाल मैनपुरी सीट पर होेने वाला मुकाबला और आने वाला परिणाम रोचक होगा।

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