पीएम मोदी ने कहा कि वैज्ञानिक प्रयासों और प्रयोगों का फल तभी मिल सकता है, जब उन्हें प्रयोगशाला से जमीन पर ले जाया जाए. 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के आविष्कार से देश में बड़े बदलाव संभव हुए हैं। विज्ञान के क्षेत्र में आज महिलाओं का योगदान दोगुना हो गया है। इस वर्ष की विज्ञान कांग्रेस का विषय “महिला अधिकारिता के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी” है। विज्ञान का मुख्य उद्देश्य समाज का उत्थान है। वैज्ञानिक प्रयास और विज्ञान से संबंधित कार्य तभी अच्छे परिणाम देंगे जब इसे वैश्विक स्तर के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी किया जाएगा।

अगले 25 साल में देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाना है

मोदी ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक शक्ति का उपयोग अगले 25 वर्षों में देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए किया जाना है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विज्ञान का उपयोग किया जाना चाहिए। वैज्ञानिक समुदाय को भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए शोध करने होंगे।

भारत विज्ञान के क्षेत्र में शीर्ष देशों की श्रेणी में पहुंच रहा है

मोदी ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत तेजी से दुनिया के शीर्ष देशों की श्रेणी में पहुंच रहा है. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 2015 में 130 देशों में 81वें स्थान पर था, जबकि 2022 में यह कई स्थानों की छलांग लगाकर 40वें स्थान पर पहुंच गया है। स्टार्ट-अप में भारत तीसरे स्थान पर है।