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नाले में पड़ी थी लाडली, स्किन को कुतर रही थीं चीटिंयां..वो बेहाल थी और मां कहीं बेफिक्र..

रांची, झारखंड. बच्चे भगवान का रूप होते हैं, फिर भी उन्हें कचरे में मरने के लिए फेंक दिया जाता है। यह लाडली भी इसी शर्मनाक मकसद से नाले में फेंकी गई थी। ठंड में ठिुठरती बच्ची की स्किन पर चींटियां चिपकी हुई थीं। चींटियां लगातार उसे काटे जा रही थीं। दर्द से बच्ची बिलबिला रही थी। गनीमत रही कि वो इतनी जोर से चीख रही थी कि एक महिला की नजर उस पर पड़ी गई और बच्ची की जिंदगी बच गई। यह मामला रांची के रिंग रोड स्थित भंडरा टोली के पास का है। वहां से गुजर रहीं अनीता मिंज ने नाले से बच्ची के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि बच्ची गंदे कपड़े में लिपटी पड़ी थी। चूंकि नाला सूखा था, लिहाजा बच्ची बच गई। अनीता ने फौरन पुलिस को इत्तला दी। पुलिस ने बच्ची को रिंची हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां से उसे रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल भेज दिया गया। बच्ची को गोद लेने के लिए कई लोग आगे आए हैं। हालांकि अब इसका फैसला प्रशासन लेगा। सीडब्ल्यूसी की सदस्य तनुश्री सरकार ने बताया कि बच्ची का नाम सुलगना रखा गया है। बीते एक साल में रांची जिले में 29 बच्चे फेंके जाने का मामला सामने आया है। आगे पढ़ें और भी कई बच्चे यूं ही मरने के लिए फेंके गए थे

बच्ची को गोद लेने के लिए कई लोग आगे आए हैं। हालांकि अब इसका फैसला प्रशासन लेगा। सीडब्ल्यूसी की सदस्य तनुश्री सरकार ने बताया कि बच्ची का नाम सुलगना रखा गया है। बीते एक साल में रांची जिले में 29 बच्चे फेंके जाने का मामला सामने आया है। आगे पढ़ें और भी कई बच्चे यूं ही मरने के लिए फेंके गए थे

यह मामला उत्तराखंड के नैनीताल का है। यहां 7 नंबर क्षेत्र के नाले में कोई प्री मैच्योर बच्ची को फेंककर चला गया था। बच्ची कीचड़ में पड़ी थी। कुत्ते आसपास भौंक रहे थे।

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यह बच्ची कुछ दिनों पहले उत्तराखंड के रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर मिली थी। कड़कड़ाती ठंड में एक युवक रानीखेत एक्सप्रेस में यह बच्ची छोड़ गया था। उसने एक यात्री को बच्ची थमाते हुए कहा कि वो अपनी सीट देखकर आता है। इतना कहकर वो वहां से गायब हो गया था।

यह बच्ची कुछ दिनों पहले उत्तराखंड के रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर मिली थी। कड़कड़ाती ठंड में एक युवक रानीखेत एक्सप्रेस में यह बच्ची छोड़ गया था। उसने एक यात्री को बच्ची थमाते हुए कहा कि वो अपनी सीट देखकर आता है। इतना कहकर वो वहां से गायब हो गया था।

यह घटना गुजरात के सूरत की है। यहां तीन बेटों के जन्म के बाद जब चौथी बार भी बेटा हुआ, तो एक कपल उसे झाड़ियों में फेंककर चला गया। वहां से गुजर रहे एक JCB ड्राइवर की नजर बच्चे पर पड़ी, तो उसने पुलिस को सूचित किया। हालांकि बाद में दम्पती पकड़ा गया।

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यह मामला महाराष्ट्र के पुणे से जुड़ा है। यहां कोई जुड़वा बच्चे-लड़का-लड़की को पाषाण झील के पास छोड़कर भाग गया था। उन्हें जानबूझकर ऐसी जगह छोड़ा गया था, ताकि लोगों की नजर उन पर पड़ जाए।

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