नींद की कमी से पुरुषों में होती है प्रजनन क्षमता दिक्कत

नींद के साथ खिलवाड़ करने का अर्थ जीवन के साथ खिलवाड़ करना है। विभिन्न शोध हमें लगातार भरपूर नींद लेने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन हमारी औसत नींद कम होती जा रही है। इस वजह से तनाव के साथ ही कई तरह की समस्याएं हमें घेर रही हैं। 21वीं सदी पर्यावरण प्रदूषण की ही नहीं, बल्कि नींद की कमी की भी सदी है। शहरों की जिंदगी और भागदौड़ भरी जीवनशैली ने हमे नींद की बीमारी दे दी है। नींद हर 24 घंटे में नियमित रुप से आने वाला वो समय है जब हम अचेतन अवस्था मे होते है, और आस-पास की चीजों से अनजान रहते है। नींद के बारे में सोचने की आवश्यकता नहीं होती। ये आपकी दिनचर्या का एक हिस्सा है।

लेकिन ज्यादातर लोग कभी न कभी नींद आने मे परेशानी का सामना करते है। आप लोगो ने एक शब्द सुना होगा – अनिद्र, अगर आप बहुत चिन्तित हों या बहुत उत्तेजित हों तो थोड़े समय के लिए आप इसके शिकार हो सकते हो और जब आपकी उत्तेजना या चिन्ता खत्म हो जाती है तो सब सामान्य हो जाता है। अगर आपको अच्छी नींद नही आती है तो ये एक समस्या है क्योंकि नींद आपके शरीर और दिमाग को स्वस्थ एवं चुस्त रखती है।अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है। कई बार नींद न पूरी होने पर ऑफिस में लोग अनमने से रहते हैं जिसका फर्क उनकी कार्य क्षमता पर भी पड़ता है। अच्छी नींद न सिर्फ याददाश्त के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करती है। नए शोध में यह बात सामने आई है।

जब शरीर पर किसी बैक्टीरिया या वायरस का हमला होता है, तो रोग प्रतिरोधक प्रणाली, दिमाग में मेमरी-टी कोशिकाओं का निर्माण होता है। तनाव और अवसाद की वजह से कई बार लोगों में अनिद्रा की समस्या सामने आती है। इससे लोगों की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है।90 फीसदी से ज्यादा भारतीय नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। बस 2 फीसदी ही इस बीमारी को लेकर सचेत हैं और डॉक्टर के पास जाते हैं। यही वजह है कि हमें अपनी नींद को लेकर जागरूक होने के लिए ‘विश्व नींद दिवस’ तक मनाने की जरूरत पड़ रही है, चिंता इतनी ही नहीं बल्कि इससे कई ज्यादा गंभीर है। नींद की कमी आपको शारीरिक थकान, अवसाद, चिड़चिड़ापन और सिर दर्द ही नहीं देती, बल्कि आपकी प्रजनन क्षमता को भी कम कर देती है।

पहली बार शोधकर्ताओं ने इस तरह हमारा ध्यानाकर्षण किया है। इस सिलसिले में नीदरलैंड के आरहूस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने वियना के ‘यूरोपियन सोसायटी ऑफ ह्युमन रिप्रोडक्शन एंड एंब्रीओलॉजी’ कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा कि पूरी नींद न ले पाने की वजह से पुरुषों का स्पर्म काउंट कम हो जाता है। जिससे कि उनकी बच्चा पैदा करने की क्षमता प्रभावित होती है।शोध में शोधकर्ताओं ने ये भी बताया है कि सेहतमंद जीवन के लिए सामान्य रूप से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। पूरी नींद लेने से शरीर की चयापचय दर सुचारु रूप से काम करती है। जिससे कि शरीर बेहतर ढंग से काम करता है और पाचन तंत्र भी अच्छा रहता है।

अनिद्रा की वजह से मेटाबॉलिज्म बुरी तरह प्रभावित होता है जिससे कि तनाव, थकान, अवसाद और प्रजनन क्षमता कम होने जैसे समस्याएं सामने आती हैं। मेमरी-टी कोशिकाएं संभावित तौर पर रोगाणुओं से संबंधित जानकारियों को रखने का काम करती हैं। अब जर्मनी के शोधकर्ताओं ने शोध के बाद कहा है कि गहरी नींद लेने से मेमरी-टी कोशिकाओं को मजबूती मिलती है, जिससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।बहुत से लोगों को यह बात पता ही नहीं होती कि कम नींद आना भी बीमारी है। वह इसे सामान्य मानकर चलते हैं और नींद की गड़बड़ी को लेकर कभी डॉक्टरी सलाह लेते ही नहीं है। जबकि इस वक्त दुनियाभर में नींद की कमी खतरनाक बीमारी के तौर पर उभर के सामने आ रही है। अगर आपको नींद से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या हो रही है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। फौरन डॉक्टर को दिखाएं। ‘स्लिप डिसऑर्डर’ यानी कम नींद आना या अनिद्रा कई तरह से आपके शरीर को प्रभावित कर सकती है।

अनिद्रा को आप इन कुछ लक्षणों से पहचान सकते हैं:-

सोने में दिक्कत होना।
देर रात तक नींद का न आना।
स्वभाव में चिड़चिड़ापन और घबराहट
किसी चीज पर ध्यान कम लगना।
अवसाद होना।
अनिद्रा के कुछ और गम्भीर कारण है जैसे:-

भावनात्मक समस्यायें
रोजगार सम्बन्धित परेशानियां
उलझन और चिन्ता
उदासी की बीमारी – आप सुबह बहुत जल्दी उठ जाते है और फिर से सोने मे दिक्कत होती है
बार -बार समस्याओं के बारे मे सोचना

हालांकि इसके अलावा भी कई वजह हो सकती हैं जो अनिद्रा के लिए जिम्मेदार हैं। आपको शारीरिक स्वास्थ्य अगर ठीक नहीं है और कोई दूसरी बीमारी है तब भी आपको अनिद्रा हो सकती है। श्वास की समस्या भी अनिद्रा की वजह हो सकती है। इसके अलावा एलर्जी और रात में बार-बार पेशाब जाने और बार-बार जागने से भी अनिद्रा की समस्या हो सकती है।

यही नहीं आपको डायबिटीज है तो भी नींद की कमी की परेशानी हो सकती है। अगर आप अवसाद में जी रहे हैं और मानसिक तौर पर परेशान हैं तो भी आपको कम नींद आने की बीमारी हो सकती है।हमें कितनी नींद की आवश्यकता होती है यह उम्र पर निर्भर है-

1- बच्चे -17 घन्टे

2- किशोर – 9 से 10 घन्टे

3- व्यस्क – 8 घन्टे

4- वृद्ध – व्यस्क के समान, लेकिन गहरी नींद केवल एक बार ही आती है, सामान्यतः शुरुआती 3-4 घन्टे- उसके बाद वे आसानी से जाग जाते हैं तथा वे स्वप्न भी कम देखते हैं| रात में जागने का थोड़ा समय भी उनको वास्तविकता से ज्यादा लम्बा लगता है। उनको लगता है कि वे उतना नहीं सोये हैं जितना कि वे वास्तव में सोये थे|

समान उम्र के लोगों के बीच मे भी अन्तर पाया जाता है| अधिकांश लोग 8 घन्टे सोते हैं जबकि कुछ लोगों के लिये 3 घन्टे की नींद ही पर्याप्त होती है|भरपूर नींद स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। नींद वैसी ही जैसे आपके लिए रोज का खाना है। बेहतर उत्पादन और किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करने के लिए या किसी चीज को पूरी लगन के साथ करने के लिए भरपूर नींद लेना जरूरी है। अगर आपको वजन बढ़ने की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो भी भरपूर नींद आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। यहां तक की शोध यह भी बताते हैं कि अच्छी नींद लेने वालों को हृदय से जुड़ी बीमारियां भी कम होती हैं।

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