Weight Loss : जानिए कितने टाइप के होते हैं बैली फैट, इन तरीकों से कर सकते हैं कम

हर कोई बढ़ते वजन को कम करने के लिए तरह – तरह के उपाय अपनाता है. लेकिन इसके बावजूद भी बेहतर परिणाम नहीं मिलते हैं. वजन बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं. मोटापा कई तरह की बीमारियों को बढ़ाने का काम करता है. पेट की चर्बी बढ़ने से कई तरह की समस्याएं होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं बैली फैट भी अलग- अलग टाइप के होते हैं. जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है. ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं कि बैली फैट अलग- अलग टाइप के होते हैं, इसे कम करने के तरीके भी अलग. आइए जानते हैं इसे जुड़ी बातों के बारे में.

स्ट्रेस बैली

इसके नाम से पता चलता है कि तानव के कारण वजन बढ़ना. इसका मुख्य कारण शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ना है. जब आप अत्यधिक स्ट्रेस का सामना करते हैं तो शरीर में इसका अधिक उत्पादन होता है. जिसकी वजह से व्यक्ति के पेट में अधिक मात्रा में फैट जमा हो जाता है. बैली फैट को कम करने के लिए योगा और मेडिटेंशन करें. इसे रोजाना करने से स्ट्रेस और अवसाद को दूर करने में मदद मिलती है. इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में नींद पूरी होती है. इससे आप तरोताजा महसूस करते हैं.

हार्मोनल बैली

हार्मोनल बैली हार्मोन के असंतुलन का परिणाम है. हाइपोथायरायडिज्म से लेकर पीसीओएस की वजह से शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं और इसकी वजह से पेट की चर्बी बढ़ जाती है. हार्मोनल बेली को कम करने के लिए होर्मोन को नियंत्रित करना के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करें. डाइट में अनहेल्दी चीजें को खाने से परहेज करें. इसकी बजाय एवाकाडो, नट्स और मछली का सेवन करें. परफेक्ट वजन बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज जरूर करें.

लो बैली

जब किसी व्यक्ति का ऊपरी हिस्सा उनके पेट के निचले हिस्सा की तुलना में पतला होता है. उसे लो बैली फैट कहते हैं. लो बैली बढ़ने का कारण खराब लाइफस्टाइल है. इस तरह के व्यक्ति को अक्सर पेट से जुड़ी समस्याएं रहती है. लो बैली फैट को कम करने के लिए फाइबर से भरपूर चीजें खाएं. अधिक मात्रा में पानी पिएं. इसके अलावा डाइट में हरि सब्जियां खाएं. कैलोरी काउंट को कम करने के लिए कोर एक्सरसाइज करें.

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