डॉक्टर से जानें क्या है मास्क पहनने का सही तरीका, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

Corona And Mask: दो गज दूरी, मास्क है जरूरी- ये बात एक बार फिर से लोगों की जुबान पर चढ़ गई है. कोरोना वायरस के खिलाफ फिलहाल फेस मास्क (Face Mask) ही एक बड़ी ढाल है. वायरस के चलते मास्क के बड़े बाजार ने जन्म लिया है.कोरोना से बचाव में मास्‍क की अहमियत को लेकर वसंतकुंज फोर्टिस हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर कंसलटेंट डॉ. मनोज शर्मा का कहना है कि कोरोना की दस्‍तक के साथ हम सबको बचाव के कुछ उपाय बताए गए थे, जिसमें मास्‍क के सही इस्‍तेमाल के साथ-साथ हैंड सेनेटाइजेशन, सोशल डिस्‍टेंसिंग और बंद जगहों पर जाने से परहेज की बात शामिल थी. अब चाहे कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट हो, डेल्‍टा वैरिएंट हो या भविष्‍य में कोई नया वैरिएंट आए, ये सभी हमारे नाक और मुंह के रास्‍ते शरीर में दाखिल होते हैं. ऐसे में, कोरोना वायरस का कोई भी वैरिएंट हो, बचाव के लिए हमें इन्‍हीं उपायों की मदद लेनी होगी. जहां तक मास्‍क का सवाल है तो कोरोना से बचाव के लिए हमारे पास इससे बेहतर कोई दूसरा विकल्‍प नहीं है.

क्‍या है मास्‍क पहनने का सही तरीका
डॉ. मनोज शर्मा के अनुसार, कोरोना वायरस से रेस्‍पेटरी वायरल इंफेक्‍शन होता है. जब भी कोई संक्र‍मित व्‍यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके सेक्रीशन्‍स के साथ वायरस वातावरण में आ जाता है. ऐसे में, हम बिना मास्‍क के वहां से गुजरते हैं तो हमारी सांस के साथ वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है. इसके अलावा, हमारे हाथ ऐसी किसी जगह पर पड़ जाते हैं, जहां पर किसी संक्रमित व्‍यक्ति के खांसने या झींकने के सेक्रीशन्‍स गिर गए थे. यदि हम उस संक्रमित हाथ को अपने चेहरे पर लगा लेंगे, तो वायरस से संक्रमित होने की पूरी संभावना बन जाएगी.

 

इन परिस्थितियों में हमने यदि N-95 मास्‍क सही तरीके से पहन रखा है तो संक्रमण की संभावनाओं को नकारा जा सकता है. सही तरीके से मास्‍क महनने का मतलब है कि उससे हमारा मुंह और नाक अच्‍छी तरह से ढंका हो. इसके अलावा, जब भी हम मास्‍क को हाथ लगाएं, उससे पहले हाथ को सेनेटाइजर से सेनेटाइज कर लें या साबुन से हाथ को अच्‍छी तरह से धो लें. यदि आप सही तरीके से मास्‍क लगाते हैं और अपने हाथों के सेनेटाइजेशन का पूरा ध्‍यान रखते हैं तो आपके संक्रमित होने की संभावना न के बराबर हो जाती है.

 

कौन सा मास्क है सबसे ज्यादा प्रभावी
बाजारों में तरह-तरह के कपड़े, सर्जिकल और एन-95 मास्क उपलब्ध हैं. हालिया अध्ययन के मुताबिक, सर्जिकल और कपड़े के मास्क 70 फीसदी तक प्रभावी हैं. मेडिकल गाइडलाइन के मुताबिक, थ्री प्लाई मास्क और फिटिड मास्क पहनना ही कोरोना से बचाव में सबसे ज्यादा प्रभावी है. आपको बता दें कि कपड़े और सर्जिकल मास्क को धोने के बाद उनका प्रभाव कम होता जाता है और यह संक्रमण की चेन को तोड़ने में नाकामयाब हो जाते हैं.

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