बालगृह के बच्चों ने किया सड़क पर आधे घंटे तक सड़कजाम

धमतरी, 3 फरवरी (हि.स.)। संस्था के संचालक व अधीक्षक पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर बालगृह के बच्चे सड़क पर उतर आए। स्टेट हाईवे में करीब आधे घंटे तक चक्काजाम करके बालगृह के संचालन को बंद करने की मांग की है। लगातार उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी जिले के अधिकारी गंभीर नहीं होने की जानकारी बच्चों ने दी है। वहां से गुजर रही महिला डीएसपी की समझाईश व कार्रवाई के आश्वासन के बाद बच्चों ने सड़कजाम बंद किया, तब जाकर सड़क में ट्रैफिक व्यवस्था बहाल हुई।

धमतरी-रत्नाबांधा रोड पर बालगृह संचालित है। यहां वर्तमान में 23 बच्चे रहते हैं, जिनके पालक नहीं है या फिर पालन पोषण में पालक सक्षम नहीं होते है। लंबे समय से बालगृह में संस्था व कर्मचारियों के बीच विवाद जारी है, इसकी शिकायत कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंच चुकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जवाबदार अधिकारी भी अनजान नहीं है। इस बीच तीन फरवरी को यहां रहने वाले बच्चे यहां मिलने वाली सुविधाओं से असंतुष्ट व आक्रोशित हो उठे। सभी 23 बच्चे दोपहर को धमतरी-दुर्ग मार्ग के स्टेट हाईवे पर उतर आए। सड़क के बीचोबीच खड़े होकर संस्था के संचालक व अधीक्षक पर अशब्दों का प्रयोग करते हुए नारेबाजी करने लगे। संचालक पर बालगृह के राशन, कपड़ा समेत अन्य सामागि्रयों को अपने घर ले जाने का आरोप बच्चों ने लगाया है। वहीं संस्था में ठीक से भोजन उपलब्ध नहीं कराने की बात कही है। तीन फरवरी को काकरोच वाला पोहा नाश्ता में दिए जाने का आरोप बच्चों ने लगाया है। यहां संस्था के संचालक व अधीक्षक के खिलाफ आंदोलन के दौरान बच्चों ने कई प्रताड़ना व शोषण का आरोप लगाया है। जब बच्चे यहां से छोड़कर जाते हैं तो उनका पूरा सामान भी रख लिया जाता है।

शिकायत करने पर जबरन खराब भोजन को खाने मजबूर करने का आरोप बच्चों ने लगाया है। बालगृह से दूसरे जगह ट्रांसफर करने की धमकी भी दी जाती है। सड़कजाम में बच्चों के साथ हाउस फादर प्रवीण सिन्हा भी शामिल थे। वे पिछले दो महीने से कार्यरत हं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दान का जो भी पैसा आता है , उसे संस्था के लोग खा जाते हैं। ज्यादा बोलने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। स्टाफ के मानदेय से भी रुपये काटा जाता है। चक्काजाम के दौरान महिला डीएसपी ने चक्काजाम को बच्चों से चर्चा कर खत्म किया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने बताया कि जानकारी मिलते ही जांच के लिए पहुंचे है। किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों को सड़क तक ले जाकर चक्काजाम कराने वाले हाउस फादर के खिलाफ फिलहाल संस्था थाना में एफआईआर दर्ज करा रही है। विभाग आगे की जांच में जुटी हुई है। जांच में बच्चों की शिकायत सही मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारी और संस्था के बीच पुराना विवाद चल रहा है। कर्मचारियों की शिकायत पर डिप्टी कलेक्टर द्वारा जांच की जा रही है। यहां 23 बच्चे निवासरत हैं। प्रतिज्ञा विकास संस्था द्वारा यह संचालित है और सालाना 30 लाख रुपये अनुदान संस्था को दिया जाता है।