jdm8Krr4qkCo6s7vlQPuP7c6ZD7E9tKwMuxQb487

देश की सबसे बड़ी आतंकवाद रोधी एजेंसी एनआईए ने 22 सितंबर की आधी रात तक सबसे बड़ा तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के निशाने पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई था। ये छापेमारी देश के सभी राज्यों में की गई। एनआईए ने इस आतंकवाद विरोधी तलाशी अभियान में भारी मात्रा में नकदी, डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और खतरनाक हथियार जब्त किए हैं। इसके साथ ही कई नेताओं और पीएफआई सदस्यों समेत 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

पीएफआई ने एनआईए की छापेमारी के विरोध में केरल में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। केरल हाई कोर्ट ने पीएफआई के इस कदम को खारिज कर दिया है। इस मामले पर विस्तार से बताते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी बिना अनुमति के बंद की घोषणा नहीं कर सकता है।

इस बीच केरल हाई कोर्ट ने PFI पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा पर कड़ा रुख अख्तियार किया है. हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए संगठन के नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. केरल हाई कोर्ट के पहले के आदेश के मुताबिक राज्य में बिना इजाजत किसी बंद का आयोजन नहीं किया जा सकता है.

पुलिस को जान-माल की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं

बंद के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केरल पुलिस को बंद का समर्थन नहीं करने वाले नागरिकों और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का आदेश दिया.

कोट्टायम में बंद का समर्थन कर रहे लोगों के पथराव से एक ऑटो रिक्शा और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। एनआईए की छापेमारी और पीएफआई नेताओं की गिरफ्तारी का कार्यकर्ता पुरजोर विरोध कर रहे हैं। केरल राज्य परिवहन निगम की एक बस को अलुवा के पास कंपनीपाडी में भीड़ ने तोड़ दिया। पीएफआई के प्रदेश महासचिव ए अब्दुल सत्तार ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक जारी रहेगी.

कल एनआईए ने 15 राज्यों में पीएफआई से जुड़े लोगों के घरों पर छापेमारी की और 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया. पीएफआई पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। हत्या और अशांति की घटनाओं में पीएफआई से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पिछले कुछ दिनों में पीएफआई मामलों के खिलाफ जांच तेज कर दी है।