JMM ने दिया अल्टीमेटम, जिस दिन रघुवर सरकार की फाइल खुली घोटालों की लाइन लगेगी

रांची. झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास द्वारा अपनी सरकार की वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Soren Government) से तुलना करने पर सत्तारूढ़ जेएमएम (JMM) ने पलटवार किया है. पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि भात-भात चिल्लाकर भूख से मरने वाली संतोषी को अभी तक राज्य नहीं भूला है. यह तो कोरोना (Corona Pandemic) की आपात स्थिति आ गयी, नहीं तो जब भी रघुवर सरकार के कार्यकाल की जांच शुरू होगी, तो घोटालों की लाइन लगने लगेगी.

जेएमएम नेता ने कहा कि रघुवर सरकार के समय केवल 22 हजार करोड़ रुपये खर्च कर मोमेंटम झारखंड के नाम पर हाथी उड़ाया गया. रोजगार के नाम पर युवाओं को एटीएम गार्ड बनाकर बाहर भेज दिया गया. सभी ने देखा था कि किस तरह 13 और 11 जिलों के नाम पर पहली बार किसी राज्य को बांटा गया. सीएनटी एक्ट और पारम्परिक आदिवासी शासन व्यवस्था में बदलाव किये गये. पत्थलगड़ी को देशद्रोही बताकर हजारों बेकसूर आदिवासियों पर मुकदमा दाखिल किया गया.

भट्टाचार्य ने कहा कि हजारीबाग, जमशेदपुर की कोर्ट में खुलेआम गोली चलाकर हत्याएं की गयीं. बकोरिया कांड में बच्चों को मार दिया गया. ऐसे में वह व्यक्ति आज हेमंत सरकार के दो साल के बेहतर कामों की तुलना कर रहा है. जेएमएम नेता ने कहा कि रघुवर दास अपने समय के बेहतर गर्वनेंस की बात कर हेमंत सोरेन सरकार के दो सालों की नाकामी बताते हैं. यह तो पूरे राज्य की जनता ने देखा था कि किस तरह कोरोना काल में दीदी किचन योजना, थाने में खाना खिलाने की योजना से हर जगह लोगों को राहत पहुंचायी गयी. कोई भी आपदा में भूखे नहीं मरा. भट्टाचार्या ने कहा कि रघुवर सरकार के पांच साल में तो 26 लोगों की मौत केवल भूख से हुई है. 16 किसानों ने आत्महत्या की 18 मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुईं हैं.

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