JDU के जयकुमार का चूड़ा-दही भोज:BJP को पहले कोसा, अब सुशील मोदी को दही परोसा, JDU के कई बागी भी दही खाते दिखे

मकर संक्रांति के मौके पर बिहार के सियासी गलियारों में इस बार चुप्पी का आलम है। लेकिन नेताओं की तरफ से पटना में व्यक्तिगत तौर पर कई भोज आयोजित हुए। उसमें सबसे चर्चित रहा JDU नेता और पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह का चूड़ा-दही भोज। चुनाव हार चुके जयकुमार सिंह अब जल्द ही अपने मंत्री आवास से भी निकलनेवाले हैं। उनका बंगला नये मंत्री रामप्रीत पासवान को आवंटित किया जा चुका है। इस बंगले से जाते-जाते उन्होंने अपने चूड़ा-दही भोज के बहाने JDU से लेकर NDA की सियासत को साध लिया। भाजपा से राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पहुंचे, तो विधानसभा चुनाव में JDU के बागी कई चेहरे भी थे।

जयकुमार का तिलकुट खाने सुशील मोदी पहुंचे

जयकुमार सिंह JDU के उन नेताओं में हैं, जो विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही भाजपा को जमकर कोस रहे हैं। एक नहीं, कई बार जयकुमार सिंह ने अपनी हार के लिए भाजपा को जिम्मेवार ठहराया है। वो JDU के पहले नेता थे, जिन्होंने अपनी हार के साथ ही JDU की सीटें कम होने के लिए भी सीधे तौर पर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया था। सिंह के बयानों का आलम ये था कि आखिरकार भाजपा को पलटकर बयान देना पड़ा। भाजपा प्रवक्ता ने उन्हें JDU के हारे-मारे नेता तक करार दे दिया था। लेकिन आज उन्हीं जयकुमार सिंह के चूड़ा-दही भोज में भाजपा के सांसद सुशील मोदी पहुंचे।

सुशील मोदी, इन दिनों अपनी ही पार्टी के कार्यक्रमों से अलग-थलग दिखाई देते हैं। आलम ये है कि बीते दिनों राजगीर में आयोजित पदाधिकारी प्रशिक्षण शिविर तक में वो शामिल नहीं हुए। जबकि इस कार्यक्रम में सांसद राधामोहन सिंह प्रशिक्षक बनाये गए थे। सुशील मोदी का इस भोज में शामिल होना यूं तो महज एक औपचारिकता भर है, लेकिन जयकुमार का मोदी प्रेम, भाजपा के अंदर JDU को लेकर चल रही रस्साकस्सी का नया किस्सा बन सकता है।

जयकुमार की दही खाते JDU के कई बागी भी दिखे

जयकुमार सिंह के चूड़ा-दही भोज में JDU के भी कई बागी भी पहुंचे। रणविजय शाही, मंजित सिंह, शैलेंद्र प्रताप। ये वो नेता हैं जो विधानसभा चुनाव के दौरान JDU से बागी हो गए थे। रणविजय शाही ने गोह से RLSP के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जबकि मंजित सिंह और शैलेन्द्र प्रताप ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। ये नेता आज जब जयकुमार सिंह के चूड़ा-दही भोज में पहुंचे तो वहां JDU के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और वर्तमान अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से मुलाकात की। मुस्कुराहट के साथ हुई इस मुलाकात ने ये भी साफ कर दिया कि बागी होने के बावजूद JDU को इनसे कोई खास शिकायत नहीं। पार्टी में इनकी वापसी हो जाए, तो कोई बड़ी बात नहीं।

JDU का दावा – महागठबंधन तोड़ने में लगे हैं NDA नेता

जयकुमार सिंह के इस दही-चूड़ा भोज में JDU के नये अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी पहुंचे। उमेश कुशवाहा ने महागठबंधन को लेकर एक बड़ा दावा भी कर दिया। कहा कि NDA के नेता महागठबंधन को तोड़ने में लगे हैं। उमेश कुशवाहा का यह दावा असल में राजद नेता श्याम रजक को दिया गया जवाब है। श्याम रजक ने बीते दिनों एक बयान जारी कर JDU के 17 विधायकों के राजद के संपर्क में होने का दावा किया था। जिसके बाद भाजपा-JDU ने अपनी-अपनी ओर से महागठबंधन में टूट होने के दावे कर दिये थे।

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