Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर में कोरोना की रफ्तार थामने के लिए लगा वीकेंड लॉकडाउन, गैर जरूरी आवाजाही पर रोक

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में बीते कुछ दिनों से कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है. जिसके चलते सरकार ने नई पाबंदियां लागू कर दी हैं. सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में वीकेंड कर्फ्यू (Weekend Curfew) सहित पहले से जारी प्रतिबंधों को बरकरार रखते हुए ताजा दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इस दौरान गैर जरूरी आवाजाही पर रोक रहेगी. ये फैसला राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) ने कोविड-19 (Covid-19) स्थिति की समीक्षा करने के बाद शुक्रवार को लिया है. जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की है.

सरकार की तरफ से कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में लगाए गए प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहेंगे. वीकेंड पर गैर-जरूरी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, गैर-जरूरी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ-साथ रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात का कर्फ्यू (Night Curfew) लागू रहेगा. अन्य प्रतिबंधों की बात करें, तो इंडोर या आउटडोर कार्यक्रम में 25 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते. बैंकट हॉल में कोविड निगेटिव रिपोर्ट वाले 25 वैक्सीनेटिड लोग आ सकते हैं, जबकि खुले मैदान में कुल क्षमता का 25 फीसदी.

 

किन गतिविधियों की मनाही?

एसओपी का पालन करते हुए सिनेमा हॉल, थियेटर, जिम और स्वीमिंग पूल जैसी गतिविधियों में कुल क्षमता के 25 फीसदी लोगों को ही अनुमति होगी. सभी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, कोचिंग सेंटर को ऑनलाइन पढ़ाई करानी होगी. नाइट कर्फ्यू के दौरान भी गैर जरूरी आवाजाही पर रोक लगी रहेगी (Jammu Kashmir Restrictions). नए आदेश में कहा गया है कि सभी जिलों में मौजूदा नियंत्रण उपायों के अलावा अतिरिक्त दिशा-निर्देशों की आवश्यकता है, क्योंकि दैनिक कोरोना वायरस मामलों में बढ़ते पॉजिटिविटी रेट के कारण स्थिति खराब होती जा रही है.

 

किन्हें गुजरना होगा जांच से?

जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में आने वाले यात्रियों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसमें कहा गया है कि बिना लक्षण वाले लोगों के पास अगर कोविड​​-19 टीकाकरण (Covid-19 Vaccination) का प्रमाणपत्र है, तो उन्हें आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन कोविड​​​-19 टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है. निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट 72 घंटों से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए. हालांकि हवाई/रेल/सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों की लक्षण दिखाई देने पर जांच की जाएगी. अगर केंद्र शासित प्रदेश के भीतर ही लोग एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करते हैं, तो उन्हें कोविड​​-19 टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना होगा. या फिर वह निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखा सकते हैं, जो 72 घंटे से ज्यादा पुरानी ना हो.

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