शिव पूजा में दीपक जलाना है बेहद जरूरी, दांपत्य जीवन रहेगा शुभ

श्रावण मास में शिव की आराधना के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। इस बीच, जो चीज उन्हें सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाती है, वह है शिव का लिंग रूप यानी शुद्ध जल से शिव लिंग को पवित्र करना। भोले शंकर को शीघ्र प्रसन्न करने वाला माना जाता है। क्योंकि वो लोग नहीं जानते कि दीया जलाए बिना इसे अधूरा माना जाता है। इसके अलावा दीपक से जुड़ी कुछ खास बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है।

ज्योतिष के साथ-साथ धार्मिक ग्रंथों में भी दीया जलाने के फायदों का जिक्र है। इसके लिए किए गए विवरण के अनुसार घी का दीपक जलाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा तिल के तेल का दीपक जलाने से भी रोग से मुक्ति मिलती है। अरंडी के तेल का दीपक जलाने से वैवाहिक जीवन में सुधार आता है।

– आप जानते ही होंगे कि आमतौर पर दीयों के लिए रूनी बत्ती का इस्तेमाल सबसे शुभ माना जाता है.

बता दें कि सफेद कपड़े को गंगाजल में भिगोकर बनी बत्ती का प्रयोग करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

– लाल कपड़े से बनी वट का प्रयोग करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.

– माना जाता है कि पीले कपड़े से बनी बाती को जलाने से शिव और पार्वती की कृपा मिलती है।

अच्छा समय

हिंदू शास्त्रों के अनुसार दोपहर 3.00 बजे से शाम 5.00 बजे के बीच दीया जलाने से पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। गोधुली बेला यानी सूर्यास्त से डेढ़ घंटे के बीच दीपक जलाने से काम में आने वाली समस्या खत्म हो जाती है। 

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