‘इजरायल से राजनीतिक रिश्ते तोड़ें’, ईरान के सुप्रीम लीडर ने मुस्लिम देशों से की अपील

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को मुस्लिम देशों से इजरायल के साथ राजनीतिक संबंध तोड़ने की अपील की। खामेनेई ने इज़राइल से राजनीतिक संबंध रखने वाले मुस्लिम देशों से इसे कम से कम सीमित समय के लिए कम करने की अपील की। इससे पहले, खामेनेई ने मुस्लिम देशों से इजरायल का बहिष्कार करने और इजरायल को ईंधन (तेल) और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बंद करने की अपील की थी।

मुस्लिम देश नहीं माने

हालाँकि, इज़राइल पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहे ईरान को 11 नवंबर को एक बड़ा झटका लगा। फिर, सऊदी अरब की राजधानी में इस्लामिक सहयोग संगठन और अरब लीग के सदस्यों के बीच एक शिखर सम्मेलन में, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की अपील पर, मुस्लिम देश इज़राइल पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के लिए सहमत नहीं हुए।

खामेनेई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एयरोस्पेस फोर्स द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन में भाग लेने आए थे। यहां ईरान के नए हथियारों का प्रदर्शन किया गया. इसमें ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल फतह 2 भी शामिल है। ईरान ने जून में अपनी पहली स्वदेशी हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी।

मुस्लिम जगत को समझना होगा 

 

इससे पहले अयातुल्ला खामेनेई ने कहा था, ‘मुस्लिम देशों को यह नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन हमेशा इस्लाम के खिलाफ खड़े रहे हैं और फिलिस्तीन पर अत्याचार किया है. मुस्लिम जगत को यह समझना होगा कि यह सिर्फ इजराइल का मामला नहीं है, बल्कि उन देशों से भी जुड़ा मसला है जिनसे इजराइल के संपर्क हैं. उन्होंने कहा, ‘जीत दूर नहीं है, यह सिर्फ फिलिस्तीन की होगी.’ खामेनेई ने कहा कि इंग्लैंड, फ्रांस और अमेरिका में इजराइल और अमेरिकी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

हमास और इजराइल के बीच 7 अक्टूबर से युद्ध जारी है

फ़िलिस्तीनी विद्रोही समूह हमास ने 7 अक्टूबर को इज़रायल पर बड़ा हमला किया। इस हमले में 1400 लोग मारे गए थे. ईरान ने इजराइल पर इस हमले का स्वागत किया. इजराइल का दावा है कि इन हमलों में हमास के पीछे ईरान का हाथ है. हमले के बाद से इजराइल गाजा में हमास के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है और जमीनी कार्रवाई कर रहा है। इजरायली हमलों में अब तक 11,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.