इंटरव्यू:ज्यादा काम ना करने पर फिल्ममेकर अनुराग बासु बोले-पहले मैं सिर्फ पैसा कमाने वाला डायरेक्टर था, लेकिन अब बदल गया हूं

 

फिल्ममेकर अनुराग बासु को हाल ही में उनकी ‘लूडो’ के लिए इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2021 में बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था। अनुराग की माने तो उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उनकी इस फिल्म को लोग इतना पसंद करेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान अनुराग कहते है, “मैं ये फिल्म सिर्फ बनाना चाहता था, अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाना चाहता था। यकीन मानिए, मुझे बिलकुल उम्मीद नहीं थी कि यह फिल्म दर्शकों को इतनी पसंद आएंगी और मुझे इस प्रोजेक्ट के लिए अवॉर्ड मिलेगा।”

अनुराग बासु ने कहा, “फिल्म का स्क्रीनप्ले बहुत चैलेंजिंग था, मुझे तकरीबन 20 दिन लग गए थे, इस तरह के जॉनर के साथ एक्सपेरिमेंट करने का फैसला लेने के लिए। पता ही नहीं चला कब फिल्म शुरू की और कब खत्म हुई। जाहिर है, जब आपके काम की कोई सरहाना करता है, तो खुशी होती है। यहां तो ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर मेरा काम सरहाया गया है। काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं (मुस्कुराते हुए)।”

पहले मैं सिर्फ पैसा कमाने वाला डायरेक्टर था, लेकिन अब बदल गया हूं
बातचीत के दौरान अनुराग ने दूसरे फिल्ममेकर के मुकाबले काम कम करने की वजह भी बताई। इस बारे में वे कहते हैं, “मैं अपनी पर्सनल लाइफ को बहुत तवज्जो देता हूं। ज्यादा काम नहीं करता, ताकि अपने फैमिली मेंबर्स के साथ वक्त गुजार सकूं। थोड़ा आलसी भी हूं (हंसते हुए)। सच कहूं तो कैंसर के बाद एक सीख जो मेरे साथ रही है, वह यह है कि कभी भी खुद को बहुत गंभीरता से न लें और यह मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। कोई भी फिल्म जिंदगी और मौत की बात नहीं होती। जीवन इससे कहीं अधिक है। एक और पहलू जो मैंने सीखा वह है सहानुभूति। यह पहले मुझमें नहीं था। पहले मैं सिर्फ एक पैसा कमाने वाला डायरेक्टर था, लेकिन अब मैं बदल गया हूं। मुझे खुशी है कि यह बदलाव आया।”

ओटीटी की वजह से थिएटर में दिखाई जाने वाली फिल्में भी बदल जाएंगी
लॉकडाउन में ओटीटी प्लेटफॉर्म की ग्रोथ देखकर अनुराग काफी खुश हैं। उनकी माने तो अब वे अपनी कहानी को ऑडियंस के सामने रखने के लिए खुद को सक्षम महसूस करते हैं। अनुराग कहते हैं, “फिल्म निर्माता के रूप में यह हमारा कर्तव्य है कि हम हर बार ऑडियंस के सामने कुछ नया पेश करें, कुछ अनोखा पेश करें। हालांकि, कई बार फाइनेंशियल इश्यू के कारण हम आगे नहीं बढ़ पाते थे। कहानी तो हर फिल्ममेकर के पास होती थी। लेकिन, वे फिल्म को जिस तरह बनाना चाहते थे, वैसा बना नहीं पाते थे। लेकिन, अब ओटीटी प्लेटफॉर्म की ग्रोथ के बाद सिचुएशन बदल गई हैं। अब मुझे लगता है कि हमें आजादी है और हम उन कहानियों को बताने में सक्षम हैं, जो हम चाहते हैं। मुझे यकीन है की ओटीटी की वजह से थिएटर में दिखाई जाने वाली फिल्में भी बदल जाएंगी।” बता दें कि, इन दिनों अनुराग डांस रियलिटी शो ‘सुपर डांसर चैप्टर 4’ में बतौर जज नजर आ रहे हैं।

 

खबरें और भी हैं…

Check Also

Bigg Boss 15 | क्या माइशा-ईशान का जल्द हो सकता है ब्रेकअप? इस कंटेस्टेंट्स की पड़ी बुरी नजर

‘बिग बॉस 15’ के कंटेस्टेंट राजीव अदतिया जिस तरह से माइशा के साथ ईशान की …