इंदौर शराब कारोबारी गोलीकांड:दो आरोपी एके सिंह और पिंटू भाटिया के नाम FIR में बढ़ाए, वारदात के समय मौजूद थे दोनों; दो आरोपी कोर्ट में पेश, 28 तक रिमांड

 

चिंटू ठाकुर और भाऊ को किया कोर्ट में पेश। - Dainik Bhaskar

चिंटू ठाकुर और भाऊ को किया कोर्ट में पेश।

शराब कारोबारी गोलीकांड मामले में पुलिस ने एके सिंह और पिंटू भाटिया को भी आरोपी बनाया है। दोनों मौके पर मौजूद थे। इससे पहले पुलिस ने गैगस्टर सतीश भाऊ, चिंटू और हेमू ठाकुर को आरोपी बनाया था। पुलिस का कहना है, FIR में दोनों का जिक्र था, लेकिन घटना के समय सिंडिकेट के दफ्तर में सिंडिकेट के कर्ता-धर्ता एके सिंह और पिंटू भाटिया अब नामजद आरोपी हो गए हैं।

सोमवार को विजयनगर क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए गोलीकांड में बुधवार सुबह दो आरोपियों सतीश भाऊ और चिंटू ठाकुर ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद गुरुवार दोपहर विजयनगर पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपियों को 28 जुलाई तक रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपियों को दिल्ली भी लेकर जाएगी।

कैसे हुआ था विवाद

गांधीनगर नवदा पंथ सर्कल की शराब दुकान में अर्जुन ठाकुर के पिता की फोटो खींचने के बाद विवाद शुरू हुआ था। इसकेबाद अर्जुन ठाकुर और हेमू के बीच फोन पर कहासुनी हुई। इसकी जानकारी सिंडिकेट के पार्टनर एके सिंह और पिंटू भाटिया को लगी। पिंटू भाटिया ने अर्जुन को सिंडिकेट ऑफिस बुलाया। इसके बाद अर्जुन ठाकुर साथियों के साथ सिंडिकेट ऑफिस पर पहुंचा।

बाद में हेमू ठाकुर और उसके अन्य साथी आए थे। सूत्र बताते हैं, हेमू ठाकुर और उसके साथियों का प्लान था कि केबिन में घुसते ही हवाई फायर करना है, लेकिन आमना-सामना होते ही बहस बढ़ गई। पहले से मौजूद गैंगस्टर ने हवाई फायरिंग कर दी। इसमें एक गोली जमीन पर और दूसरी छत पर चलाई गई थी। वह दोनों लौटकर अर्जुन को जा लगी।

भाटिया और सिंह भी बने आरोपी

गृहमंत्री को भेजी तीन पन्ने की शिकायत में अर्जुन ठाकुर में सिलसिलेवार ढंग से घटनाक्रम का खुलासा किया है। उसने बताया कि एके सिंह और पिंटू भाटिया ने उसकी हत्या का षड्यंत्र रचा था। उसे सुनियोजित तरीके से सिंडिकेट ऑफिस बुलाया गया। यहां सिंह, भाटिया ने अपने साथ आए लोगों से कहा कि अर्जुन को खत्म कर दो।

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केबिन में बैठे थे सभी पार्टनर

सूत्रों की मानें तो सिंडिकेट ऑफिस में एके सिंह, पिंटू भाटिया, अंशुमन, अर्जुन ठाकुर, महेश राय, मुकेश शिवहरे, आशीष चौकसे, हेमू ठाकुर और चिंटू ठाकुर सहित दो गैंगस्टर भी मौजूद थे।

डराने के लिए चलाई थीं गोलियां

सूत्र बताते हैं कि यह गोलीकांड छोटे ठेकेदारों को डराने के लिए किया गया था। गोली चलाने वाले को यह नहीं मालूम था कि गोली जाकर अर्जुन ठाकुर को लग जाएगी। अर्जुन ठाकुर अन्य लोगों को डराने के लिए तीन फायर किए गए, जिसमें एक गोली जमीन और दूसरी गोली छत से टकराकर अर्जुन को लगी है।

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