प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचे, जहां उन्होंने देश की पांचवीं और दक्षिण भारत की पहली मैसूर-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और भारत गौरव काशी दर्शन ट्रेन को केएसआर रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके बाद उन्होंने 5,000 करोड़ रुपये की लागत से यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल -2 का उद्घाटन किया और हवाई अड्डे के परिसर में बेंगलुरु शहर के संस्थापक नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। उसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब स्थिर नहीं रहने वाला. भारत अब तेज दौड़ना चाहता है। वंदे भारत ट्रेन इसका प्रतीक है। दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बनी है। हम 8-10 साल में रेलवे का कायाकल्प करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वंदे भारत सिर्फ एक ट्रेन नहीं है बल्कि नए भारत की एक नई पहचान है।

21वीं सदी के भारत की ट्रेनों को कैसा दिखना चाहिए, इसकी एक झलक यहां दी गई है। भारत में निवेश को लेकर दुनिया भर में जो अभूतपूर्व विश्वास देखा जा रहा है, उसका बहुत बड़ा लाभ कर्नाटक को भी मिल रहा है। कोरोना काल में भी कर्नाटक में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। पीएम मोदी बेंगलुरु से तमिलनाडु के लिए रवाना हुए. तमिलनाडु में उन्होंने गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान, डिंडीगुल के 36वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया।