India-US Deal 2026 : भारतीय थाली में पहुंचेगा अमेरिकी अनाज कृषि मंत्री ब्रुक रॉलिन्स ने बताया अमेरिका फर्स्ट की जीत
News India Live, Digital Desk: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद अमेरिकी कृषि सचिव ब्रुक रॉलिन्स ने खुशी जाहिर करते हुए इसे "ग्रामीण अमेरिका के लिए नकदी का प्रवाह" (pumping cash into rural America) करार दिया है। रॉलिन्स के अनुसार, यह डील 2024 में भारत के साथ रहे अमेरिका के $1.3 बिलियन के कृषि व्यापार घाटे को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
ब्रुक रॉलिन्स का बड़ा बयान: "ग्रामीण अमेरिका की जीत"
अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रॉलिन्स ने सोशल मीडिया (X) पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि यह समझौता अमेरिकी किसानों के लिए एक उपहार है।
विशाल बाजार: भारत की बढ़ती जनसंख्या अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण उभरता हुआ बाजार है।
कीमतों में उछाल: रॉलिन्स का मानना है कि भारत को होने वाले निर्यात से अमेरिका में कृषि उत्पादों की कीमतों में वृद्धि होगी, जिससे वहां के किसानों की आय बढ़ेगी।
अमेरिका फर्स्ट: उन्होंने इसे ट्रंप प्रशासन की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति की एक और बड़ी उपलब्धि बताया।
भारत के कृषि क्षेत्र पर क्या होगा असर?
समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 'जीरो' (शून्य) तक ले जाने का वादा किया है। इसके प्रमुख प्रभाव इस प्रकार होंगे:
अमेरिकी उत्पादों की एंट्री: भारत अब अमेरिका से बड़ी मात्रा में बादाम, पिस्ता (Tree Nuts), कपास, सोयाबीन तेल और डेयरी उत्पाद आयात करेगा।
प्रतिस्पर्धा में वृद्धि: अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम होने से वे भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों के सामने कड़ी प्रतिस्पर्धा की चुनौती होगी।
उपभोक्ताओं को लाभ: आम जनता के लिए विदेशी फल, वाइन और प्रोसेस्ड फूड की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
डील के मुख्य बिंदु: कृषि और ऊर्जा
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका से $500 बिलियन से अधिक के उत्पादों की खरीद का वादा किया है, जिसमें कृषि उत्पाद एक बड़ा हिस्सा हैं।
| क्षेत्र | समझौते का मुख्य प्रावधान |
|---|---|
| टैरिफ कटौती | अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया। |
| भारतीय प्रतिबद्धता | भारत टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को जीरो करने की दिशा में बढ़ेगा। |
| खरीद लक्ष्य | $500 बिलियन मूल्य की अमेरिकी ऊर्जा, कृषि और कोयले की खरीद। |
| रूसी तेल | ट्रंप का दावा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा (अपुष्ट)। |