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दिल्ली से पटना कदम रखते ही तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर दिया बड़ा विवादित बयान

बिहार की सियासत में शह-मात का खेल और बयानों की कड़वाहट एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। देश की राजधानी दिल्ली का एक महत्वपूर्ण दौरा पूरा करने के बाद जैसे ही बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के फायरब्रांड नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने पटना एयरपोर्ट पर कदम रखा, उन्होंने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कूटनीतिक और रणनीतिक नजरिए से इस समय बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त शह-मात का खेल चल रहा है। पटना लौटते ही तेजस्वी यादव ने मीडिया के कैमरों के सामने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर बेहद तीखा और विवादित हमला बोला है। खासकर पिछले दिनों चर्चा में रहे उनके सरकारी बंगले के आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था में की गई कथित कटौती के संवेदनशील मुद्दे पर तेजस्वी ने ऐसी बेबाक बातें कह दी हैं, जिसने बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक नया और बड़ा भूचाल ला दिया है।

दिल्ली से लौटते ही पटना एयरपोर्ट पर दिखा तेजस्वी यादव का आक्रामक अंदाज

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक मुलाकातों और सांगठनिक बैठकों में व्यस्त रहने के बाद तेजस्वी यादव जब पटना लौटे, तो उनके तेवर पहले से कहीं अधिक आक्रामक नजर आए। एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों ने जैसे ही उनसे राज्य की कानून व्यवस्था और हालिया प्रशासनिक फैसलों पर सवाल पूछा, तेजस्वी ने सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर ले लिया। आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनहित के मुद्दों, युवाओं के रोजगार और विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पूरी तरह से प्रतिशोध (Vendetta) की राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लगातार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है।

सरकारी बंगले के विवाद पर बोले तेजस्वी- जनता के दिलों में रहता हूं, ईंट-पत्थरों के मकान की परवाह नहीं

पिछले कुछ समय से पूर्व मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं के सरकारी बंगलों को लेकर चल रही कानूनी और प्रशासनिक रार पर तेजस्वी यादव ने बेहद तंजिया लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग बंगले और सुख-सुविधाओं के भूखे हैं। तेजस्वी ने कहा, "ये सरकार जितनी ताकत बंगला खाली कराने या उसका विवाद खड़ा करने में लगा रही है, उतनी ताकत अगर बिहार के विकास में लगाती तो आज राज्य की तस्वीर कुछ और होती।" उन्होंने आगे कहा कि उनकी असली ताकत बिहार की जनता है और वे जनता के दिलों में बसते हैं, इसलिए उन्हें सरकार के किसी ईंट-पत्थर के बंगले की कोई परवाह नहीं है और सरकार चाहे तो सारे बंगले अपने पास रख ले।

सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर दिया बड़ा विवादित बयान, सरकार की नीयत पर उठाए गंभीर सवाल

बंगले के साथ-साथ तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था (Security Review) में किए गए हालिया बदलावों को लेकर भी राजनीति गरमाई हुई है। इस पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर सीधा और विवादित हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि सुरक्षा कम करना या बढ़ाना सरकार का प्रशासनिक फैसला हो सकता है, लेकिन इसके पीछे की नीयत पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से भरी हुई है। उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं को असुरक्षित करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन वे इन गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं। तेजस्वी ने कहा कि वे लगातार जनता के बीच जाते रहेंगे और यदि उन्हें कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर वर्तमान मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की होगी।

पलटवार के लिए तैयार बैठी है एनडीए, आरजेडी वर्सेज बीजेपी की जंग हुई तेज

तेजस्वी यादव के पटना उतरते ही दिए गए इस हाई-प्रोफाइल और विवादित बयान के बाद बिहार की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खेमे में भी जवाबी रणनीति तैयार होने लगी है। एनडीए के प्रवक्ताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव हताशा में इस तरह के बयान दे रहे हैं और सरकारी संपत्तियों व सुरक्षा की समीक्षा पूरी तरह से नियमों के तहत की जाती है, इसमें कोई राजनीतिक प्रतिशोध नहीं है। बहरहाल, तेजस्वी के इस ताजा हमले ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह जुबानी जंग और ज्यादा हिंसक और आक्रामक रूप अख्तियार करने वाली है।

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