जयपुर न्यूजरूम में आयकर टीम:इनकम टैक्स का जयपुर के भास्कर ऑफिस में छापा, पत्रकारों को काम करने से रोकने की कोशिश; सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ ‘आई स्टैंड विथ दैनिक भास्कर’

आयकर विभाग की टीम गुरुवार अलसुबह दैनिक भास्कर के जयपुर ऑफिस पहुंची। टीम ने नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारियों को वहीं पर रोक दिया। दैनिक भास्कर की आक्रामक पत्रकारिता के चलते देशभर के दफ्तरों पर छापे मारे गए हैं। इसी कड़ी में आयकर विभाग ने जयपुर में भी छापेमारी शुरू की। रात की शिफ्ट में काम करने वाले टेक्निकल विंग के कर्मचारियों को एक तरह से कैद कर लिया गया। किसी को बाहर नहीं जाने दिया गया। नाइट शिफ्ट में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी संपादकीय और आईटी से जुड़े हैं, जिनका फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से कोई संबंध नहीं होता। छापेमारी को लेकर राजस्थान में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। राजनीतिक दल, सिविल सोसाइटी के अलावा भास्कर के पाठकों ने सोशल मीडिया पर इसे सरकार की सच को दबाने की कार्रवाई बताते हुए इसकी निंदा की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संसद के दोनों सदनों में इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद संसद स्थगित करनी पड़ी।

पत्रकारों को काम करने से रोका
आयकर विभाग की टीमों ने दैनिक भास्कर के जयपुर ऑफिस पर दबिश देकर पत्रकारों तक को काम करने से रोक दिया। आम तौर पर आईटी छापों मेंं वित्तीय ट्रांजेक्शन से जुड़े विभागों की ही पड़ताल होती है, लेकिन यहां एडिटोरियल कंटेंट से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगालकर पत्रकारों के काम में बाधा पहुंचाई गई। इनकम टैक्स टीम ने भास्कर की न्यूज प्रोसेस से जुड़े काम में कई घंटे तक बाधा पहुंचाई। पत्रकारों को दफ्तर के अंदर नहीं जाने दिया गया। हालांकि कई घंटों के बाद दोपहर में जाकर आयकर टीम को गलती का अहसास हुआ और पत्रकारों को काम करने की छूट दी गई।

आयकर टीम का न्यूज रूम में क्या काम?
इनकम टैक्स टीम का भास्कर के पत्रकारों को दफ्तर में घुसने से रोकने और बाहर नहीं जाने देने पर पत्रकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। पत्रकार संगठनों ने इसे सीधा प्रेस की आजादी पर हमला बताया है। स्वतंत्र पत्रकार अवधेश आकोदिया ने कहा, इनकम टैक्स को जांच ही करनी है तो फाइनेंस, अकाउंटिंग, विज्ञापन जैसे विभागों में करे, न्यूज रूम जहां समाचार तैयार होते हैं, संपादकीय विभाग के कंप्यूटर और दस्तावेज खंगालकर पत्रकारों को काम करने से रोकना यह साबित करता है कि यह सब बदले की भावना से हो रहा है। आयकर की टीम का न्यूज रूम में क्या काम, यह सब पत्रकारों को परेशान करने के लिए किया गया।

सीएम गहलोत का ट्वीट

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके भास्कर पर छापे पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। गहलोत ने लिखा- दैनिक भास्कर अखबार और भारत समाचार न्यूज़ चैनल के कार्यालयों पर इनकम टैक्स का छापा मीडिया की आवाज को दबाने का एक प्रयास है। मोदी सरकार अपनी रत्तीभर आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकती है। यह भाजपा की फासीवादी मानसिकता है, जो लोकतंत्र में सच्चाई का आइना देखना भी पसंद नहीं करती है। ऐसी कार्रवाई कर मोदी सरकार मीडिया को दबाकर संदेश देना चाहती है कि यदि गोदी मीडिया नहीं बनेंगे तो आवाज कुचल दी जाएगी।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा का ट्वीट

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट करके भास्कर पर दबिश के खिलाफ केंद्र सरकार पर निशाना साधा। डोटासरा ने लिखा- केंद्र में फासीवादी असहिष्णु मोदी सरकार है, जो आलोचना से भयभीत होकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष मीडिया की आवाज़ को कुचलना चाहती है। भाजपा सरकार ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर बदले की भावना से कार्रवाई की है।

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है दैनिक भास्कर
इनकम टैक्स छापों के बाद भास्कर के पाठकों ने सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है। दैनिक भास्कर ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है। आई स्टैंड विद दैनिक भास्कर भी ट्रेंड हो रहा है। यूजर्स इनकम टैक्स छापों को मीडिया की आजादी पर हमला बताते हुए इसकी निंदा कर रहे हैं। दैनिक भास्कर के हैशटैग पर अब तक हजारों लोग ट्वीट कर चुके हैं।

भास्कर का स्टैंड बरकरार
भास्कर का स्टैंड बरकरार है। भास्कर में पाठक की ही मर्जी चलेगी, जो सच होगा, वह लिखा जाएगा।

 

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