इनकम टैक्स: अब इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया होगी आसान, ई-फाइलिंग पोर्टल पर मिलेगी यह सुविधा

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता का कहना है कि आयकर दाताओं की सुविधा बढ़ाना सरकार की अहम प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे.

खासतौर पर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है. विभाग पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन कोशिश यह है कि जितना संभव हो सके एआई और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए ताकि करदाता को भी सुविधा हो और प्रशासन का काम भी अधिक कुशल हो सके।

एक करोड़ आयकर दाताओं को राहत मिलेगी

गुप्ता ने अंतरिम बजट 2024-25 पेश करने के बाद दैनिक जागरण से खास बातचीत में उक्त बातें कहीं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024-25 में आयकरदाताओं से विभाग की ओर से एक निश्चित अवधि के दौरान छोटी राशि के जुर्माने की मांग को रद्द करने का प्रस्ताव दिया था. उन्होंने यह भी कहा था कि इससे एक करोड़ आयकरदाताओं को राहत मिलेगी.

कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा

इस बारे में सीबीडीटी चेयरमैन का कहना है कि यह प्रक्रिया काफी आसान होगी और इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि इस घोषणा को इस तरह लागू किया जाए कि जिन आयकर दाताओं को फायदा होने वाला है, उन्हें किसी कठिन प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। आयकर विभाग इन मांगों को अपने स्तर पर खारिज कर देगा और इन्हें विभाग के रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा.

दस हजार रुपये तक की ऐसी बकाया प्रत्यक्ष कर मांग वापस कर दी जाएगी

इससे जुड़ी सारी जानकारी ई-फाइलिंग पोर्टल पर दी जाएगी ताकि संबंधित आयकरदाता भी इसे देख सके और अगर उसे किसी बात पर कोई आपत्ति हो तो वह उसे सामने ला सके। वित्त मंत्री ने कहा था कि वित्तीय वर्ष 2009-10 तक की अवधि से संबंधित 25,000 रुपये तक और 2010-11 से 2014-15 की अवधि से संबंधित 10,000 रुपये तक की बकाया प्रत्यक्ष कर मांगों को वापस ले लिया जाएगा।