धोखा! बूस्टर डोज के नाम साइबर ठग लगा रहे लोगों को चूना, OTP देते ही पल भर में अकाउंट खाली

पटना. बिहार (bihar) में आए दिन साइबर अपराध (Cyber Crime) के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं. ये ठग कभी नौकरी के नाम पर तो कभी विदेश घूमने का प्रलोभन देकर लोगों को चूना लगा रहे हैं. अब इन साइबर ठगों ने बूस्टर डोज (Booster Dose)  के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है. इन अपराधों को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने लोगों से सर्तक रहने को कहा है. उन्होंने लोगों से ऐसे ठगों से सावधान रहने की अपील की है. आर्थिक अपराध इकाई  ने प्रदेशवासियों को ऐसे ठगों से बचने के लिये जनहित में सूचना प्रसारित कर दिया है.

आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा एक प्रेस रिलीज जारी की गई है, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि कुछ साइबर अपराधी कोविड के बूस्टर डोज के रजिस्ट्रेशन के नाम पर पहले लोगों के पास मैसेज भेज रहे हैं. फिर इस मैसेज के माध्यम से उनका नाम, आधार नंबर और अन्य जानकारी हासिल की जा रही है. इसके बाद उनके मोबाइल पर आया ओटीपी नंबर यह कहकर मांग ले रहे हैं कि इसके इस्तेमाल से ही बूस्टर डोज का निबंधन होगा. फिर जैसे ही सामने वाला व्यक्ति अपना ओटीपी साझा करता है तो साइबर ठग इसका इस्तेमाल कर के उस व्यक्ति का अकउंट पल भर में खाली कर देते हैं.

आर्थिक अपराध इकाई  के ADG नैय्यर हसनैन खान के मुताबिक, ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान की जा रही है. जल्द ही इन लोगों के खिलाफ साइबर अपराध के साथ-साथ आर्थिक अपराध के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

रेमडेसिविर के नाम पर भी ठगे गए थे लोग 
गौरतलब है कि कोरोना के दूसरे दौर के दौरान भी साइबर अपराधियों ने रेमडेसिविर और इलाज के नाम पर बिहार, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों में रहने वाले कई लोगों को अपना शिकार बनाया था. हालांकि बाद में कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने ऐसे कई साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की थी.

बूस्टर डोज क्यों जरूरी है
वैक्सीन के बूस्टर डोज से कोविड-19 के खिलाफ अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी. फिलहाल कोविड-19 वैक्सीन के दोनों डोज प्रभावी हैं और इससे कोरोना महामारी के नए वेरिएंट से लड़ने में मदद मिल रही है. जिसकी वजह से गंभीर बीमारियों से व्यक्ति का बचाव हो रहा है. लेकिन समय के साथ-साथ वैक्सीन का प्रभाव कम होने लगता है.

दरअसल कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण पुनः संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है. इस कारण से ही प्रीकॉशन डोज के तौर पर वैक्सीन का बूस्टर डोज देने का फैसला किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 25 दिसंबर को इसकी घोषणा की थी.

Check Also

शिक्षा के विकास से ही बनेगा समृद्ध भारत- एकलब्य

नवादा, 5 जुलाई (हि. स.)। गगन चूम लेंगे है चाहत हमारी । अगर पंख कोई …