इलाहाबाद हाईकोर्ट में DGP के पीछे फरियाद लेकर दौड़ा वकील:मुकुल गोयल से बोला- साहब मेरे घर पर पत्थर चल रहा है, आप ऐसे कैसे कोर्ट से जा सकते हैं; पहले मेरी बात सुनिए

 

हाईकोर्ट में डीजीपी को उस समय असहज होना पड़ा जब एक अधिवक्ता ने घेर लिया और प्रत्यावेदन देने की कोशिश करने लगा। - Dainik Bhaskar

हाईकोर्ट में डीजीपी को उस समय असहज होना पड़ा जब एक अधिवक्ता ने घेर लिया और प्रत्यावेदन देने की कोशिश करने लगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल को आज उस समय असहज होना पड़ा जब एक अधिवक्ता ने घेर लिया और प्रत्यावेदन देने की कोशिश करने लगा। डीजीपी मैनपुरी की 16 साल की छात्रा के आत्महत्या केस में कोर्ट नंबर 29 में पेश हुए थे। मुकुल गोयल इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई के डेढ़ घंटे बाद कोर्ट रूम से बाहर निकले थे। उसी दौरान ये घटना घटी।

अधिवक्ता ने डीजीपी का रास्ता रोकने की कोशिश की

मुकुल गोयल कोर्ट रूम से जैसे ही बाहर आए पूरा पुलिस महकमा उनके पीछे पीछे लग गया। वह तेजी से लिफ्ट की तरफ बढ़े ही थे कि तब तक पीछे से एक अधिवक्ता ने जोर से आवाज लगाई। डीजीपी साहब मेरे घर पत्थर चल रहा है आप इलाहाबाद हाईकोर्ट से ऐसे कैसे जा सकते हैं। पहले आपको मेरी बात सुननी होगी। अधिवक्ता ने डीजीपी मुकुल गोयल को रोकने का प्रयास किया।

इतने में जनपद के सभी अधीनस्थ अधिकारी डीआईजी से लेकर आईजी तक सकते में आ गए। अधिवक्ता को किनारे करने की कोशिश होने लगी, लेकिन वह मुकुल गोयल से बात करने पर अड़े रहे। बार-बार यही कहते रहे कि स्थानीय पुलिस हमारी नहीं सुनती। हमने कई बार आईजी-डीआईजी को आवेदन दिया, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। आपको हमारी बात सुनी ही होगी।

आईजी केपी सिंह ने अधिवक्ता को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने। आईजी को किनारे हटाते हुए अधिवक्ता ने कहा कि आप तो ना ही बोलिए ताे अच्छा है। आप क्या सुनेंगे।

डीजीपी को सुननी पड़ी अधिवक्ता की बात

मुझे डीजीपी महोदय से बात करनी है। मुकुल गोयल कोर्ट नंबर 29 के बरामदे में चलते रहे और अधिवक्ता उनके साथ चलते रहे। इस बीच अधिवक्ता को रोकने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं माने। डीजीपी को 1 मिनट खड़े होकर अधिवक्ता की बात सुननी पड़ी।

उन्होंने अधिकारियों को अधिवक्ता की बात सुनकर उस पर कार्रवाई का आदेश दिया तब जाकर कहीं अधिवक्ता शांत हुए। इसके बाद डीजीपी अपने अधीनस्थों के साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट से बाहर निकल गए।

हाई कोर्ट में जमा रहा पुलिस महकमा

इलाहाबाद हाईकोर्ट के दौरान जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, आईजी केपी सिंह, एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा, एसपी गंगापार व यमुनापार भी मौजूद रहे। डीआईजी व आईजी डीजीपी मुकुल गोयल के साथ कोर्ट रूम के अंदर रहे। अन्य अधीनस्थ अधिकारी कोर्ट रूम के बाहर इंतजार करते रहे। सभी के अंदर यह जानने की उत्सुकता दिखी कि क्या हुआ। अधिकारी पल-पल का अपडेट लेते रहे।

खराब मौसम के बाद भी खचाखच भरा रहा कोर्ट रूम

इलाहाबाद हाई कोर्ट के कोर्ट नंबर 29 में एक्टिंग चीफ जस्टिस भंडारी की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई चल रही थी । खराब मौसम होने के बावजूद कोर्ट के भीतर बिल्कुल भी जगह नहीं थी। 2 दिन से चर्चा में रहे मैनपुरी के केस में सभी के अंदर यह जानने की उत्सुकता रही कि आखिर डीजीपी ने कोर्ट में क्या पक्ष रखा। कोर्ट ने क्या आदेश दिया।

नंबर एक पर रखे गए इस केस में पीआईएल करने वाले महेंद्र प्रताप सिंह ने भी अपना पक्ष रखा। एमिकस क्यूरी इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह भी मौजूद रहे।

 

खबरें और भी हैं…

Check Also

Conversion Law in UP

Conversion Law in UP: योगी सरकार ने किया धर्मांतरण विरोधी कानून का बचाव, हाईकोर्ट में दी ये दलील

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में धर्मांतरण विरोधी कानून का बचाव किया है। अंग्रेजी …