Saudi Arabia में महिला डांसर्स ने छोटे कपड़ों में निकाली परेड, उसके बाद हो गया ये हाल

रियाद: सऊदी अरब (Saudi Arabia) को रूढिवादी इस्लामिक देश माना जाता है, जहां पर महिलाओं की ड्रेस पर कई तरह के प्रतिबंध लागू हैं. ऐसे में सऊदी अरब में सड़कों पर निकले महिलाओं के डांस जुलूस से हंगामा मच गया है.

सऊदी अरब में सांबा डांसर्स का दिखा जलवा

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब (Saudi Arabia) के जाजान प्रांत में विंटर फेस्टिवल हो रहा है. उसमें भाग लेने के लिए ब्राजील की 3 सांबा डांसर्स (Samba Dancers) को बुलाया गया. इन सांबा डांसर्स ने जाजान की बिजी रहने वाली सड़क पर रात में नाचते-गाते हुए परेड की. इस दौरान डांसर्स ने चमकीले नीले और गुलाबी रंग की ड्रेस पहन रखी थी, जिससे उनकी फिगर और कर्व साफ दिख रहे थे.

देखने के लिए सड़कों पर टूट पड़े लोग

जाजान शहर के लोगों ने सांबा डांसर्स (Samba Dancers) की इस परेड का खूब लुत्फ लिया और उनके साथ फोटो खिंचवाए. हालांकि जब इस परेड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सऊदी अरब के रूढिवादी धड़े में नाराजगी फैल गई है. वे लोग सांबा डांसर्स के छोटे कपड़ों पर ऐतराज जताते हुए इसे इस्लाम के खिलाफ बता रहे हैं और सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

रूढिवादियों में फैल गई नाराजगी

लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि सऊदी अरब (Saudi Arabia), इस्लाम का घर है. अब वही इस्लाम के सिद्धांतों से दूर हो रहा है. एक यूजर ने लिखा, ‘हम भूल गए हैं कि हम एक मुस्लिम देश हैं. हमने नैतिकता का उल्लंघन शुरू कर दिया है जो कि ठीक नहीं है.’

देश की छवि बदलने में जुटे हैं क्राउन प्रिंस

सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब (Saudi Arabia) के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पिछले काफी समय से देश की छवि बदलने की मुहिम में लगे हैं. वे सऊदी अरब को कट्टर इस्लामिक देश के बजाय एक सहिष्णु मुल्क बनाने में जुटे हैं, जिससे देश में निवेश और पर्यटन बढ़ सके. इसीलिए उनके निर्देश पर सऊदी अरब में इस तरह के कई मनोरंजक कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा करवाए जा रहे हैं. यह विंटर फेस्टिवल भी इसी तरह का एक कार्यक्रम था.

 

सरकार ने दिए जांच के आदेश

हालांकि अब लोगों की नाराजगी देखते हुए जजान के गवर्नर प्रिंस मोहम्मद बिन नासिर ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि पता लगाया जाए कि ये सांबा डांसर्स (Samba Dancers) फेस्टिवल में कैसे आईं. इसके लिए उन्हें परमीशन किसने दी. हालांकि कुछ लोग सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि यह आदेश केवल लोक दिखावे के लिए है और इससे कुछ होने वाला नहीं है.

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