IIT खड़गपुर के 66वें दीक्षांत समारोह में PM ने दिया सफलता का मंत्र- हर सवाल का जवाब ‘सेल्फ थ्री’

आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के 66वें दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने छात्रों से कहा कि जीवन के जिस मार्ग पर अब आप आगे बढ़ रहे हैं, उसमें निश्चित तौर पर आपके सामने कई सवाल भी आएंगे. ये रास्ता सही है, गलत है, नुकसान तो नहीं हो जाएगा, समय बर्बाद तो नहीं हो जाएगा?

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे बहुत से सवाल आएंगे. इन सवालों का जवाब ‘तीन आत्म (सेल्फ थ्री)’ में है. ये हैं- आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नि:स्वार्थ भाव. आप अपने सामर्थ्य को पहचानकर आगे बढ़ें, पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ें, निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ें.

जल्दबाजी की कोई जगह नहीं

उन्होंने कहा कि आप सभी साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जिस रास्ते पर चले हैं, वहां जल्दबाज़ी के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कोविड-19 से मुकाबले के लिए आईआईटी द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी और उसकी भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि संस्थानों को अब स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी समस्याओं का फ्युचर ओरिएंटेड समाधान तलाशने के लिए तेजी से काम करना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन और इसके कारण पैदा होने वाली प्राकृतिक आपदाओं ने दुनिया के सामने बड़ी चुनौती पैदा की है. ऐसे में आईआईटी को आपदा के प्रभावों का सामना करने में, सक्षम आधारभूत ढांचा विकसित करने में मदद करनी चाहिए.

कुछ सीखना ही ‘असली सफलता’

प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी खड़गपुर के दीक्षांत समारोह में छात्रों से कहा कि आप भारत के 130 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा कि आपने जो सोचा है, आप जिस इनोवेशन पर काम कर रहे हैं, संभव है उसमें आपको पूरी सफलता ना मिले लेकिन आपकी उस असफलता को भी सफलता ही माना जाएगा क्योंकि आप उससे भी कुछ सीखेंगे.

आसान, टिकाऊ और इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी की जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत की स्थिति भी बदल गई है, ज़रूरतें भी बदल गई हैं और आकांक्षाएं भी बदल गई हैं. अब आईआईटी को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ही नहीं बल्कि स्थानीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के रूप में अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी टेक्नोलॉजी चाहिए जो पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाए, टिकाऊ हो और लोग ज्यादा आसानी से उसका इस्तेमाल कर पाएं.

उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्शे और भूस्थानिक आंकड़ों को नियंत्रण से मुक्त कर दिया है. इस कदम से प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पारिस्थितिकी को बहुत मजबूती मिलेगी. मोदी ने कहा कि इस कदम से आत्मनिर्भर भारत का अभियान भी और तेज होगा. इस कदम से देश के युवा स्टार्टअप और इनोवेटर्स को नई आजादी मिलेगी.

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